
रसूखदार व्यवसायियों पर नोटिस का कितना असर और नगर पालिका कितना गंभीर, पढि़ए खबर...
जांजगीर-चांपा. नगरपालिका की स्वावलंबन की दुकान संचालक अपने दायरे से आगे बढ़कर फिर कब्जा कर लिए हैं। बीते वर्ष कुछ व्यवसायियों ने अपनी दुकानों के सामने से कब्जा हटा लिया था। इसके बाद यहीं दुकानदार फिर कब्जा कर सड़क में आवागमन करने वालों के लिए सिरदर्द साबित होते जा रहे हैं। यही अतिक्रमण सुबह व शाम बाजार आने जाने वालों के लिए पसीना निकाल देता है। इस तरह की समस्या के लिए नगरपालिका को कोई सरोकार नहीं है। ऐसा इसलिए होता है कि क्योंकि यहां कई रसूखदार व्यवसायी हैं जो अपनी दुकानों के सामने परमानेंट कब्जा कर बड़ी दुकान बना लिए हैं। बीते वर्ष ऐसे दुकान संचालकों को नोटिस दिया गया था, लेकिन रसूखदार व्यवसायियों पर नोटिस का कोई असर नहीं हो रहा है।
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स्वावलंबन यानी गरीबों को स्वावलंबी बनाने के लिए सरकार ने छोटी दुकान अलॉट कर उन्हें रोजगार प्रदान कर रही है। सरकार की रहमोकरम का बेजा उपयोग रसूखदार दुकान संचालक उठा रहे हैं। नगरपालिका ने पुराना बस स्टैंड सब्जी मंडी के पास तकरीबन दो दर्जन दुकानें अलॉट की है। पांच सात साल पहले दुकानों की स्थिति जहां तहां ठीक थी। इसके बाद एक दूसरे की देखासीखी लोग दुकान के सामने सड़क पर छज्जा उतारकर कब्जा करने लगे। जितना सामान दुकान में रखे हैं उससे ज्यादा दुकान के बाहर रखना शुरू कर दिए हैं। इसके कारण सड़क जाम हो जाता है।
सब्जी बाजार जाने वाले उपभोक्ताओं को बाजार जाना लोहे के चना चबाने से कम नहीं लगता। शाम को नगर की 10 फीसदी आबादी सब्जी लेने के बहाने बाजार जाते हैं। ऐसे लोगों में उनकी संख्या अधिक होती है जो बाइक से बाजार जाते हैं। एक ओर दुकानदारों का बेजाकब्जा दूसरी ओर बाइक से सब्जी लेने वालों की भीड़ लग जाती है। शाम को एकबारगी भीड़ बढऩे हालात बेकाबू हो जाता है। ऐसे में उन लोगों की दिक्कतेंं बढ़ जाती है जो पैदल चलकर सब्जी बाजार जाते हैं। शाम को तो सब्जी मंडी के आसपास अफरा-तफरी का आलम रहता है।
वार्डवासियों का आवागमन ठप
सब्जी मंडी के पीछे वार्ड नंबर 22.23 बसा है। यहां की आबादी दो हजार से उपर है। चूंकि इस वार्ड का गेट सब्जी मंडी के बीचों बीच गुजरती है। तकरीबन एक हजार लोग इसी रूट से आवागमन करते हैं। सुबह से लेकर शाम 4 बजे तक आसानी से इस रूट से गुजर जाते हैं। शाम को छह बजे के बाद चार कदम की सड़क को पार करने 10 से 15 मिनट मिनट का समय लगता है। क्यों कि सब्जी लेने वालों की भीड़ बेतहासा बढ़ी होती है।
गरीबों की दुकान में अमीरों का कब्जा
स्वावलंबन योजना मूलत: गरीबों के लिए है। बीपीएल कार्डधारियों को इस योजना का लाभ दिया जाना है। गरीबों ने योजना की दुकानों को अपने नाम तो कर लिया। इसके बाद उन्होंने अपनी दुकान अमीरों के नाम कर दिया। इसके एवज में मोटी रकम ले ली है। अभी भी दुकानों की तस्दीक कराई जाए तो आधे से अधिक दुकानें दूसरों के नाम पर है।
-शहरवासियों के लिए यह समस्या गंभीर है। इस संबंध में विचार किया जाएगा। पिछले साल व्यवसायियों को अपनी दुकान से अतिक्रमण हटाने नोटिस दिया गया था, लेकिन दुकानें फिर से सजा ली गई- सुशील शर्मा, सीएमएचओ
Published on:
28 Aug 2018 05:15 pm
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