
अनिश्चितकालीन कर्मचारियों ने निकाली विशाल रैली
जांजगीर-चांपा. छत्तीसगढ़ संयुक्त प्रगतिशील महासंघ के आह्वान पर जिला इकाई के अनियमित कर्मचारियों ने 4 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल के बाद बुधवार को शहर मे विशाल रैली निकाली।
जिले से लेकर जनपद के समस्त विभागों के अनियमित कर्मचारियों ने मोर्चा खोलते हुए कहा कि जब तक चार सूत्रीय मांगें पूरी नहीं करती तब तक धरने में डटे रहेंगे। कर्मचारी पहले 16 जुलाई को जनपद मुख्यालयों में एक दिवसीय धरना दिए। इसके बाद अब सभी जनपदों से जिला स्तरीय धरने में 17 एवं 18 जुलाई को शामिल हुए।
धरने में अनियमित कर्मचारियों में संविदा, दैनिक वेतनभोगी केन्द्र व राज्य की योजनाओं में कार्यरत कलेक्टर दर, मानदेय पर कार्यरत, प्लेसमेंट, अंशकालिक, जॉबदर, स्थानीय प्रशासनिक सेवाओं में कार्यरत तथा अन्य किसी भी विधि से नियुक्त शासकीय व अद्र्धशासकीय कार्यालयों के कर्मचारी शामिल हो रहे हैं। धरना प्रदर्शन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास, लोक निर्माण विभाग, कृषि विभाग, स्वास्थ्य विभाग के अलावा राजीव गांधी शिक्षा मिशन सहित विभिन्न विभागों से आए कर्मचारियों ने एकजुटता दिखाते हुए शासन से मांगे पूरी करने की मांग की है। इसी तरह जनपद मुख्यालयों में भी विभागीय कामकाज बंद करके धरने में शामिल हुए।
चार सूत्रीय मांग में समस्त अनियमित कर्मचारियों को नियमित किये जाने, प्रत्येक वर्ष प्रशासकीय स्वीकृति और सेवा से पृथक करने का भय समाप्त कर 62 वर्ष की आयु तक वृत्ति सुरक्षा प्रदान की जाने, विगत 2-3 वर्षो से जिन कर्मचारियों को सेवा से पृथक किया गया है या उसकी छंटनी की हो उनकी सेवा बहाल किये जाने, शासकीय सेवाओं में आउट सोर्सिग एवं ठेका प्रथा को समाप्त किया जाए और सेवारत कर्मचारियों को शासकीय सेवक का दर्जा दिया जाए व समान कार्य समान वेतन लागू किए जाने को लेकर की जा रही है।
जिला इकाई के अनियमित कर्मचारियों द्वारा 19 एवं 20 जुलाई को बिलासपुर संभाग में धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इस बीच अगर मांगे पूरी नहीं होती हैं तो रायपुर में प्रदेशव्यापी धरना दिया जाएगा। कर्मचारियों का कहना है कि यदि मांगे पूरी नहीं होने पर चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।
दफ्तरों में पसरा सन्नाटा
विभागीय दफ्तरों के अधिकतर काम काज संविदा या अनियमित कर्मचारियों के भरोसे चल रहा है। प्राय: सभी विभागों में ५० फीसदी क्लर्क संविदा के हैं। इनके हड़ताल में होने से विभागीय काम काज ठप पड़ गया है। दफ्तरों में विभिन्न काम काज को लेकर जरूरतमंद पहुंच रहा हूं, लेकिन उनका काम नहीं हो पा रहा और वे बैरंग लौट रहे हैं। वहीं कर्मचारियों के नहीं होने से विभागीय कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। अफसर भी बेकाम खाली बैठे हुए हैं।
Published on:
18 Jul 2018, 4:45 PM IST
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