
Janjgir Champa News: बलौदा थाना क्षेत्र के पिकनिक स्पॉट देवरी चिचोली अब मौत का स्पॉट बन गया है। यहां हर साल दो से तीन लोगों की जान नदी में डूबने से हो रही है। शनिवार को भी एक युवक की गहरे पानी में डूबने से मौत हो गई। पुलिस के अनुसार बनारी निवासी संप्रज्ञ पांडेय पिता राकेश पांडेय 22 बिलासपुर में रहकर एलएलबी की पढ़ाई कर रहा था। शनिवार को छुट्टी में अपने चार दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने के लिए देवरी-चिचोली पिकनिक स्पॉट आए थे।
सभी दोस्त नाश्ता करने के बाद हसदेव नदी में स्नान करने चले गए। इसी दौरान संप्रज्ञ पांडेय गहरे पानी में चला गया और डूब गया। उसे बचाने के लिए उनके दोस्तों ने बड़ी कोशिश की लेकिन उसे बचा नहीं पाए आखिरकार संप्रज्ञ पांडेय की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पंतोरा चौकी के एएसआई लंबोदर सिंह दल बल के साथ मौके पर पहुंचे।
गोताखोरों के द्वारा युवक के शव को बाहर निकाला गया। इसके बाद दोपहर तीन बजे के करीब शव को पोस्टमार्टम के लिए बलौदा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाए। पोस्टमार्टम कराकर शव को शाम को ही उनके परिजनों को सौंप दिया है। इधर पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच कर रही है। होनहार बेटे की मौत के बाद बनारी के पांडेय परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। गांव में मातम पसर गया।
वर्ष - मौत
2020 - 02
2021 - 03
2022 - 02
2023 - 03
2024 - 03
2025 - 01
योग - 14
देवरी चिचोली पिकनिक स्पॉट में लगातार मौतों को देखते हुए तत्कालीन एसपी विजय अग्रवाल ने यहां हर घाट में बड़ा बड़ा बोर्ड लगवाए थे। फ्लैक्सी भी लगवाए थे। जिसमें यह लिखा गया था कि नदी में जानलेवा गड्ढे हैं। यहां स्नान करना, गोता लगाना खतरा है। यहां डुबकी न लगाएं। लेकिन कुछ लोगों ने इन बोर्ड को हटाकर कर कबाड़ में बेच दिया। नतीजा अब यहां अब मौतों के जिम्मेदार खुद बच्चे और उनके अभिभावक बन रहे हैं।
20 अक्टूबर 2024 को अकलतरा ब्लाक के कापन निवासी खुशेंद्र बरेठ 21 एवं लिकेश पटेल 21 अपने 13 साथियों के साथ पिकनिक मनाने देवरी चिचोली गए थे। सभी दोस्त आपस में नदी में स्नान कर रहे थे। इसी दौरान खुशेंद्र व लिकेश गहरे पानी में चले गए और दोनों का शव उस दिन नहीं मिला। दूसरे दिन गोताखोरों ने दोनों युवकों के शव को ढूंढकर बाहर निकाला। इससे पहले 14 जुलाई को बिलासपुर के एक किशोर गहरे पानी में चला गया था। डूबने से उसकी मौत हो गई थी।
देवरी जिले का एक बड़ा पिकनिक स्पॉट का रूप ले लिया है। यहां सैकड़ों की तादात में लोग पिकनिक मनाने पहुंचते हैं। खासकर छुट्टी के दिनों में यहां ज्यादा भीड़ रहती है। चट्टानों के बीच पानी की धार व मनोरम दृष्य की वजह से लोग यहां आकर्षित होते हैं। बच्चे भी बड़ी संख्या में यहां पहुंचते हैं लेकिन शहरी बच्चों को तैरना नहीं आता और वे बह जाते हैं।
Updated on:
02 Mar 2025 12:23 pm
Published on:
02 Mar 2025 12:22 pm
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