
ट्रैक्टर चालक की गलती और खुद की लापरवाही ने हंसता खेलता परिवार बिखेर कर रख दिया
जांजगीर-चांपा. सड़क सुरक्षा सप्ताह पर दी जा रही विशेष खबरों में आज हम एक ऐसे युवक की कहानी बताने जा रहे हैं, जिनका एक भरा पूरा परिवार था। अच्छी शासकीय नौकरी थी।
लेकिन ट्रैक्टर चालक की गलती और खुद की लापरवाही ने उस युवक का न सिर्फ हंसता खेलता परिवार बिखेर कर रख दिया बल्कि दो मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया छिन गया।
जांजगीर शहर अंतर्गत चंदनियापारा में रहने वाले पुरुषोत्तम प्रसाद गौरहा का बेटा नितेश शासकीय महाविद्यालय छुरिया में क्लर्क के पद पर कार्यरत था। नितेश इतना होनहार था कि पिता सहित मां मादलसा गौरहा, बड़े भाई नीलोत्पल गौरहा और बहनें निवेदिता व निहारिका को उस पर नाज था। उसकी शादी पूनम से हुई तो भगवान ने बेटी नितिशा और बेटा निश्कर्ष को देकर उनके परिवार को पूरा कर दिया। लेकिन नितेश की एक छोटी सी गलती ने तीन साल की बेटी और 11 माह के बेटे के सिर से पिता का साया छीन लिया।
पूनम गौरहा से जब उस घटना का जिक्र किया तो उनकी आंखे नम हो गई। थोड़ी देर रुककर उन्होंने बताया कि 30 अक्टूबर 2008 को उनके पति नितेश पामगढ़ थाना अंतर्गत स्थित अपने गृह ग्राम भिलौनी से घर जांजगीर लौट रहे थे। रात 11 बजे के करीब वह बाइक से जैसे ही झूलन पकरिया के पास पहुंचे सामने से आ रहे ट्रैक्टर से टकरा गए। ट्रैक्टर की ट्रॉली सीधे नितेश के सिर से टकराने उसके सिर में गंभीर चोट आईं जिससे मौके पर ही मौत हो गई। आज नितेश के माता-पिता भाई बहन सभी हर त्यौहार पर उसे याद करते हैं।
इतना ही नहीं उनके बच्चे आज बड़े हो गए हैं, वह इतने समझदार हो गए हैं कि मां को अधिक तकलीफ न हो इससे मां से कभी पिता का जिक्र नहीं करते, लेकिन अकेले उनकी फोटो से जरूर बात करते हैं कि आज वह जिंदा होते वह भी अन्य बच्चों की तरह अपने पापा के साथ हंसी खुशी रह रहे होते।
ट्रैक्टर चालक की भी बड़ी गलती
इस दुर्घटना के लिए जितना जिम्मेदार नितेश था शायद उससे अधिक जिम्मेदार वह ट्रैक्टर चालक भी था। क्योंकि उसके ट्रैक्टर की एक लाइट खराब थी। इससे रात के अंधेरे में एक लाइट देखकर नितेश यही समझा कि सामने से कोई दो पहिया वाहन आ रहा है और जब वह नजदी आया तो ट्रैक्टर देखकर नितेश हड़बड़ा गया।
इससे जल्दबाजी में वह बाइक कंट्रोल नहीं कर पाया और उसने ट्रैक्टर के इंजर को तो जैसे-तैसे बचा लिया, लेकिन पीछे लगी ट्रॉली से उसका सिर टकरा गया। इससे वह बाइक सहित दूर जा गिया। पीछे बैठा दोस्त भी बुरी तरह घायल हो गया। उसने चिल्लाकर लोगों को बुलाया। पुलिस आई और नितेश को उठाया गया तो उसकी आंखे हमेशा के लिए बंद हो चुकी थीं। इसलिए इस दुर्घटना से सभी को सीख लेनी चाहिए कि ट्रैफिक नियम लोगों की सुरक्षा को देखते हुए ही बनाए गए हैं उनका पालन करें।
Published on:
30 Apr 2018 12:45 pm
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