1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जगह-जगह राखड़ का पहाड़ बना परेशानियों का सबब

Janjgir Champa News: सक्ती जिले में जगह-जगह राखड़ का पहाड़ लोगों के लिए परेशानियों का सबब बन रहा है।

2 min read
Google source verification
Mountains of ash became cause of problems at many place Janjgir Champa

जगह-जगह राखड़ का पहाड़ बना परेशानियों का सबब

जांजगीर-सक्ती। Chhattisgarh News: सक्ती जिले में जगह-जगह राखड़ का पहाड़ लोगों के लिए परेशानियों का सबब बन रहा है। दरअसल, जिले में तीन-तीन बड़े उद्योग संचालित हो रहा है जो उद्योगों से निकलने वाले राखड़ को जहां पा रहे हैं वहां डंप कर रहे हैं। इसके चलते जिले में प्रदूषण का ग्राफ बढ़ रहा है। खासकर सड़क किनारे ही इसे ढंप किया जा रहा है जिसके चलते राहगीरों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं धान की फसल को भी इससे नुकसान हो रहा है। जिसे देखने वाला कोई नहीं है।

यह भी पढ़े: CG Election 2023: नाम वापसी का आज अंतिम दिन, इधर 14 दिन में सभी गांवों तक पहुंचना चुनौती

सक्ती जिले में जिले में डीबी पावर प्लांट, आरकेएम सहित कई बड़े उद्योग संचालित हो रहे हैं। उद्योगों से निकलने वाला राखड़ को सुरक्षित रखने के लिए उद्योग संचालकों के पास पर्याप्त राखड़ डेम नहीं है। इसके चलते वे सड़क किनारे खाली पड़े स्थानों में फेंककर चले जा रहे हैं। जो लोगों के लिए काल साबित हो रहा है। ऐसे राखड़ लोगों की सेहत में जहर घोल रहा है। यहां तक सक्ती जिला मुख्यालय के आसपास ही राखड़ का पहाड़ पड़ा हुआ है। स्थानीय सक्ती शहर के नेता इसे नजर अंदाज करने में लगे हुए हैं। जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है।

माननीयों के सामने कर रहे सवाल

आम लोग जो राखड़ की समस्या से परेशान हैं वे विधानसभा के उम्मीदवारों से यही सवाल कर रहे हैं आखिर इसका समाधान कैसे होगा। लोगों का कहना है कि जो इस समस्या का समाधान करेगा उसे ही हम वोट करेंगे। इतना ही नहीं लोगों ने सवाल उठाया है कि इसके पीछे गिरोह काम कर रहा है जो राखड़ डंप कराने के लिए ठेका लेता है। किसी सरपंच को या स्थानीय जनप्रतिनिधि को ठेके में देकर राखड़ डंप करवाते हैं। इसके एवज में उन्हें मोटी रकम भी मिलती है।

यह भी पढ़े: महाअष्टमी पर दुर्गा पंडाल और देवी मंदिरों में चलता रहा हवन-पूजन का दौर