
विभागीय अधिकारियों की अनदेखी के चलते कई करोड़ के काम खटाई में
जांजगीर-चांपा. डीएमएफ फंड से इस साल जांजगीर जिले में कई करोड़ के काम स्वीकृत हुए हैं। इनके निर्माण की जिम्मेदारी अलग-अलग विभागों को दी गई है, लेकिन इन्हीं विभागीय अधिकारियों की अनदेखी के चलते कई करोड़ के काम खटाई में पड़ते दिख रहे हैं। इनमें से कई काम के टेंडर तो हो गए हैं,
लेकिन कई में या तो स्टे लग गया है, यहां फिर अधिकारी ठेकेदार को वर्क आर्डर नहीं दे रहे है। पित्र पक्ष लागू होने और उसके बाद अचार संहिता लागू सभी काम रुक जाएंगे और जनता को उनका लाभ समय पर नहीं मिल पाएगा।
जानकारी के मुताबिक सबसे अधिक काम आरईएस विभाग को मिले थे। इस विभाग को 16 करोड़ की लागत से 11 स्वीकृत हुए थे। यहां के ईई अशोक सिंह अपने कार्यालय में बैठते ही नहीं नतीजा यह कि बाबुओं के भरोसे कार्यालय चल रहा है और उन्होंने आपसी सेटिंग से कई टेंडर कर डाले। इससे पांच टेंडर्स का मामला सीधे हाईकोर्ट तक पहुंच गया और उनमें स्टे लग गया है। रही शेष छह काम की तो दो काम का टेंडर ही ओपन नहीं हो रहा है
और चार काम शुरू ही नहीं हुए हैं, जबकि ईई का कहना है कि यह काम शुरू हो चुका है। इस लापरवाही में हाउसिंग बोर्ड विभाग भी कम नहीं है। यहां पांच करोड़ की लागत से स्कूल भवन बनाने का काम आया है। हालत यह है कि निविदा मिलने की स्वीकृति मिले कई महीने बीत जाने के बाद भई अब तक इन कार्यों का वर्क आर्डर नहीं हुआ है। इसी तरह मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना में भी चार करोड़ के काम हॉस्टल भवन निर्माण के पड़े हुए हैं। यहां भी अब तक काम शुरू नहीं किए गए हैं।
Read more- Crime : हत्या करने के बाद आरोपी खुद पहुंचे थाने, लेकिन सरेंडर करने नहीं पुलिस को सुनाइ कुछ ऐसी कहानी
इस तरह लगेगी पेंच
सोमवार से पित्र पक्ष लागू हो चुका है। इस दौरान कोई ठेकेदार नया निर्माण कार्य शुरू नहीं करता है। इसके बाद जब वह काम शुरू करेगा तब तक तो विधानसभा चुनाव के चलते अचार संहिता लागू हो जाएगी और उस दौरान कोई नया काम शुरू नहीं हो सकता है।
-पांच काम में स्टे लगा है। अन्य काम शुरू करा दिए गए हैं। उनकी जानकारी में कार्यालय में बैठने पर ही बता पाऊंगा।
-अशोक सिंह, ईई, आरईएस, जांजगीर
Published on:
26 Sept 2018 12:13 pm
बड़ी खबरें
View Allजांजगीर चंपा
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
