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अब डेढ़ लाख की आबादी के लिए जांजगीर का नया मास्टर प्लान तैयार

जांजगीर शहर के लिए मास्टर प्लान का नए सिरे से पुर्नविलोकन किया जा रहा है। भविष्य में डेढ़ लाख तक आबादी को ध्यान में रखते हुए आगामी दस साल का मास्टर प्लान तैयार किया गया है। यह वर्ष २०३१ तक के लिए लागू रहेगा। पहले मास्टर प्लान ६६ हजार ७६६ आबादी को ध्यान में रखकर बनाया गया था लेकिन अब भविष्य को ध्यान में रखते हुए १ लाख ५० हजार की आबादी के लायक २०३१ तक के लिए तैयार किया गया है।

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अब डेढ़ लाख की आबादी के लिए जांजगीर का नया मास्टर प्लान तैयार

अब डेढ़ लाख की आबादी के लिए जांजगीर का नया मास्टर प्लान तैयार

जांजगीर-चांपा. नया मास्टर प्लान का प्रकाशन कर नगर एवं ग्राम निवेश कार्यालय के दफ्तर में प्रकाशित किया गया है जहां जाकर इसका अवलोकन किया जा सकता है। मास्टर प्लान पर लोगों से १४ फरवरी तक दावा आपत्ति मंगाए गए हैं। दावा आपत्ति का निराकरण हो जाने के बाद इसका विधिवत प्रकाशन किया जाएगा जो आगामी दस सालों के लिए लागू हो जाएगा। उल्लेखनीय है कि नए सिरे से मास्टर प्लान तैयार के लिए निवेश क्षेत्र का सर्वे का काम सांई कस्टटेंट रायपुर की कंपनी ने किया है। २०२० दिसंबर में सर्वे का काम पूर्ण कर विभाग को दिया गया है। इसी आधार पर २०३१ तक का मास्टर प्लान तैयार हुआ है।
515.15 हेक्टेयर बढ़ जाएगा आवासीय क्षेत्रफल
२०३१ तक के मास्टर प्लान में कुल क्षेत्रफल १०७७०.९८ में से २५११.१८ हेक्टेयर क्षेत्रफल को विकसित क्षेत्र में शामिल किया गया है। इसमें से ११६७.११ हेक्टेयर को आवासीय भूमि में शामिल किया गया है। पिछले मास्टर प्लान में यह यह ६२५ हेक्टेयर था। इस तरह नए प्लान में ५१५.११ हेक्टेयर आवासीय भूमि का क्षेत्रफल बढ़ाया गया है। क्योंकि रिहाइशी इलाकों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इसी तरह कर्मिशियल क्षेत्रफल ११९.६६ हेक्टेयर प्रस्तावित किया गया है। पिछले मास्टर प्लान में यह ८५ हेक्टेयर था। इसके अलावा नए मास्टर प्लान में नए सड़कें और चौड़ीकरण भी किया जाना है। जिसके लिए जमीन की आवश्यकता होगी जिसे शामिल किया गया है।
इस तरह समझे लोगों को क्या फायदा
शहर से लगे आसपास के निवेश क्षेत्र में शामिल गांव की सीमाएं भी शहर से जुड़ती जा रही है। ऐसे में आवासीय भूमि कम पड़ती जा रही है। आवासीय क्षेत्रफल का दायरा बढऩे से आउटर में कृषि भूमि में बसने वाले लोगों को अविकसित क्षेत्र में रहने के चलते जो सुविधाएं नहीं मिल पा रही है वो आसानी से मिल पाएगी। डायवर्सन हो पाएगा।
निवेश गांवों की संख्या नहीं बढ़ी
हालांकि इस बार निवेश क्षेत्रों की संख्या यानी कोई नया गांव शामिल नहीं किया गया है जिससे कुल क्षेत्रफल और निवेश क्षेत्रों की संख्या उतनी ही है। जबकि आसपास के और गांवों को शामिल किए जाने की मांग उठ रही है। जांजगीर निवेश क्षेत्र का कुल क्षेत्रफल १० हजार ७७०.९८ हेक्टेयर और १३ निवेश क्षेत्र हैं। इनमें कुलीपोटा, जर्वे, पेण्ड्री, खोखसा, खैरा, सरखों, सिवनी, कन्हाईबंद, बनारी, पुटपुरा, खोखरा, सुकली, नवापारा और जांजगीर-नैला नपा क्षेत्र शामिल है।

२०३१ के लिए जांजगीर का पुर्नविलोकन मास्टर प्लान तैयार है। इसे आम लोगों के लिए प्रकाशित कर दिया गया है जिसे कार्यालय में आकर अवलोकन किया जा सकता है। दावा आपत्ति के लिए ३० दिनों का समय दिया गया है। १४ फरवरी तक आमजन दावा आपत्ति कर सकते हैं। जिनका निराकरण पश्चात ही लागू किया जाएगा।
तमेश्वर देवांगन, सहायक संचालक नगर एवं ग्राम निवेश जांजगीर-चांपा