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अब बायोमेट्रिक मशीन के आधार पर जिला अस्पताल के कर्मचारियों को मिलेगी सैलरी

- बायोमेट्रिक मशीन पर होगी सीसी कैमरे की नजर - 8 दिन से अधिक, देर से ड्यूटी पहुंचे तो कटेगी सैलरी

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अब बायोमेट्रिक मशीन के आधार पर जिला अस्पताल के कर्मचारियों को मिलेगी सैलरी

जांजगीर.चांपा. जिला अस्पताल के कर्मचारियों के कार्यप्रणाली पर सुधार लाने के लिए कलेक्टर ने नया फरमान जारी किया है। अब बायोमेट्रिक मशीन के सामने सीसी कैमरे लगाए जाएंगे। ताकि डॉक्टर, पैरामेडिकल कर्मचारी व चतुर्थ वर्ग कर्मचारियों पर पैनी नजर रहे। इतना ही नहीं सीसी कैमरे व बायोमेट्रिक मशीन से छेड़छाड़ करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हाल ही में इस आशय का आदेश जारी किया गया है। जिससे जिला अस्पताल के कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।

जिला अस्पताल के डॉक्टर एवं सभी वर्ग के कर्मचारियों के कार्यप्रणाली पर सुधार नहीं हो रहा है। डॉक्टरों के लेटलतीफी की शिकायत लगातार कलेक्टर को मिल रही है। जिसके चलते कलेक्टर ने फिर से नया फरमान जारी किया है। जिसमें प्रत्येक कर्मचारियों को समय पर ड्यूटी पहुंचने सख्त आदेश दिया गया है।

कर्मचारियों से साफ कहा गया है कि वे समय पर सुबह 8 बजे से दोपहर दो बजे तक अनिवार्य रूप से ड्यूटी पर पहुंचें और बायोमेट्रिक मशीन का इस्तेमाल करते हुए पंजीयन करें। निर्देशों का पालन नहीं करने पर या विलंब से ड्यूटी में पहुंचने पर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आदेश में कहा गया कि यदि कोई भी डॉक्टर या कर्मचारी एक माह में 8 बार से अधिक लेट से पहुंचता है तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

बायोमेट्रिक मशीन के आधार पर बनेगी सैलरी
कलेक्टर ने कर्मचारियों से साफ कहा है कि एक जनवरी से नियम का कड़ाई से पालन किया जाएगा। प्रत्येक कर्मचारियों की सैलरी बायोमेट्रिक मशीन से मिले रिकार्ड के मुताबिक प्रदान की जाएगी। बायोमेट्रिक मशीन से मिले उपस्थिति की जानकारी सिविल सर्जन पहले जिला पंचायत सीईओ को प्रदान करेंगे। जिला पंचायत सीईओ इसकी मानिटरिंग करेंगे। इसके बाद उनकी सैलरी के नोटसीट का अनुमोदन कलेक्टर द्वारा किया जाएगा। तब जाकर प्रत्येक कर्मचारियों की सैलरी मिल पाएगी।

किया समिति का गठन
जिला अस्पताल के मानव संसाधन के दैनिक उपस्थिति के संबंध में विवाद, शिकवा, शिकायत सहित अन्य शिकायतों के निराकरण के लिए कलेक्टर ने समिति का गठन कर दिया है। समिति में जिला पंचायत सीईओ अजीत वसंत को अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं सीएमएचओ, सिविल सर्जन, आरएमओ एवं लेखापाल को सदस्य बनाया गया है। किसी तरह की शिकवा शिकायतों का निराकरण कमेटी करेगी।

कर्मचारियों में मचा हड़कंप
कलेक्टर के नए आदेश से जिला अस्पताल के कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। आदेश जारी होते ही पहले दूसरे दिन समय पर पहुंच गए और पंच करते हुए ड्यूटी ज्वाइन किए और रवानगी डाला। सभी कर्मचारियों के बीच यह चर्चा होती रही कि इतना काम करने के बाद भी उन पर शिकंजा कसा जा रहा है। वहीं कई डॉक्टर तो अपने पुराने ढर्रे पर ही आते दिखाई दिए। उनका कहना था कि सरकार हमे एक लाख रुपए देकर हमारे उपर एहसान नहीं कर रही। सरकार पर हम ऐहसान कर रहे हैं। यदि क्लीनिक चलाएंगे तो एक लाख रुपए से अधिक पैसे कमाएंगे।

कलेक्टर से बायोमेट्रिक मशीन के संबंध में नया आदेश मिला है। कर्मचारियों को अलर्ट किया गया है। कर्मचारी समय पर उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं - पीसी जैन, सिविल सर्जन