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ग्रामीण अंचलों में खुले उद्योग उगल रहे जहर, ग्रामीणों का जीना मुहाल

जिला मुख्यालय के २० किलो मीटर दायरे में स्थित बहेराडीह, जाटा, सुखरीकला, अफरीद में तकरीबन आधा दर्जन उद्योग संचालित हैं। जिसमें से उड़ रहा काला धुआं लोगों की सेहत में जहर घोल रहा है। ग्रामीण अंचल इसके काले धुएं से परेशान हैं साथ ही उद्योगों के निकलने वाले राखड़ को सड़क के इर्द गिर्द डंप किया जा रहा है। जो ग्रामीणों के लिए जी का जंलाल साबित हो रहा है।

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ग्रामीण अंचलों में खुले उद्योग उगल रहे जहर, ग्रामीणों का जीना मुहाल

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कहा जाता है कि उद्योगों से लोगों को रोजगार के साधन मिलते हैं, लेकिन यही उद्योगों से निकलने वाले काले राखड़ लोगों की सांसों में घुलकर जहर घोलते हैं तो लोगों का जीना ***** हो जाता है। कुछ इसी तरह की शिकायतें जिले में लगातार मिल रहा है। इनकी शिकायत जब क्षेत्रीय पर्यावरण अधिकारियों से की जाती है तो जांच के लिए अधिकारी संबंधित क्षेत्रों में जरूर पहुंचते हैं लेकिन कार्रवाई क्या करते हैं इसका पता नहीं चल पाता। क्षेत्र के लोग गांवों में लगे उद्योगों के धूल के गुबार को लेकर परेशान हैं। वहीं पावर प्लांट से निकले राखड़ को सरकार के गोठानों में डंप किए जाने से परेशान हैं। इसी तरह की समस्याओं को लेकर लगातार आवाज उठाते आ रही सिवनी के जनपद उपाध्यक्ष नम्रता नामदेव ने बताया कि उद्योगों से राखड़ से परेशान तो हैं ही साथ ही इन उद्योगों के भारी भरकम वाहनों के चलते क्षेत्र की सड़कें भी खराब होते जा रही है। इसके लिए फिर से एक बार फिर अपनी आवाज बुलंद करनी पड़ेगी। आपकों बता दें कि बहेराडीह में लगे उद्योग कृष्णा इंडस्ट्रीज के पर्यावरण प्रदूषण को लेकर बहेराडीह सहित आसपास के गांव के लोग परेशान थे।
शांती जीडी बायोमास से भी जनता परेशान
चांपा से सटे ग्राम महुदा में शांती जीडी बायोमास स्पात एंड पॉवर प्राइवेट लिमिटेड से निकलने वाले काले धुएं से लोग बेहद परेशान हैं। उद्योग बताया जा रहा है कि उक्त प्लांट के द्वारा ग्राम कुरदा के गौठान में फ्लाई ऐश एकत्रित कर रखा गया है। जिसकी शिकायत होने पर पर्यावरण विभाग द्वारा जांच की गई। जांच सही भी पाया गया। जो जिला प्रशासन के दिशा निर्देश के विपरीत कार्य किया जाना पाया गया है। पर्यावरण विभाग ने पंचनामा तैयार कर प्रशासन को कार्रवाई के लिए सौंप दिया है। इसके बाद भी प्लांट प्रबंधन की हरकतें ठीक होने का नाम नहीं ले रहा। जिसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।
उद्योग के चलते सड़कों की भी दुर्गती
ज्ञात हो कि पर्यावरण विभाग ने 27 सितम्बर 2021 को मौके पर पंचनामा तैयार किया था। किंतु आज एक साल बीत जाने के बाद भी उक्त सस्थान के खिलाफ कार्रवाई नहीं किए जाने से ग्रामीणों में आक्रोश पनप रहा है। इसी तरह जनपद उपाध्यक्ष नम्रता नामदेव ने उच्चभि_ी से अमझर पीएमजीएसवाई मार्ग तथा सिवनी से बहेराडीह मार्ग भारी वाहनों के चलने से सड़क जर्जर हो चुकी है। जिसमें जवाबदार संयंत्र के खिलाफ कार्रवाई नहीं किए जाने की मांग की गई है। नहीं तो २१ जनवरी को चक्काजाम करने की बात कही है।