23 अप्रैल 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कुश्ती : 100 से अधिक पहलवानों ने दिखाया अपना दमखम

- लगातार 54 वर्षो से चांपा में आयोजन का होना तारिफे काबिल

2 min read
Google source verification
कुश्ती : 100 से अधिक पहलवानों ने दिखाया अपना दमखम

जांजगीर-चांपा. कुश्ती भारतीय प्राचीन परंपरा का रूप है। सरकार खेल के प्रति गंभीर नहीं है। लगातार 54 वर्षो से चांपा में आयोजन का होना तारिफे काबिल है। मोहितराम यादव का नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। ये बातें चांपा में आयोजित अभा कुश्ती प्रतियोगिता के समापन अवसर पर पहुंचे विधायक अमित जोगी ने कही।

विधायक जोगी ने मुख्य अतिथि की आसंदी से कहा कि आगामी वर्ष चांपा में भव्य अखाड़ा व्यायाम शाला भवन हो इसके लिए प्रयास करेंगे। गुरूजी मोहित राम यादव स्मृति अखिल भारतीय कुश्ती प्रतियोगिता महादंगल के संयोजक गिरधारी यादव को अपने पिता की याद में उनके प्रिय खेल के आयोजन की निरंतरता के लिए प्रशंसापूर्ण बधाई दी। जोगी ने कहा कि पहलवानों की तरह राजनीति में भी दंगल का समय नजदीक है और जनता जानती है छत्तीसगढ़ की राजनीति में महाबली कौन है। इससे पूर्व 21अप्रैल को आयोजन के शुभारंभ अवसर पर मुख्य अतिथि पूर्व सांसद रामाधार कश्यप व नगर पालिका अध्यक्ष राजेश अग्रवाल उपस्थित थे।

Read More : #Topic Of The Day- मांग व आपूर्ति की जगह वादा बाजार पर आश्रित है मूल्य निर्धारण : सुशील जैन

आयोजन में लगभग 100 पहलवानों ने भाग लिया। आयोजन में केशरी वर्ग में प्रथम अंकित यादव मेरठ, द्वितीय अवधेश भिलाई रहे। वहीं भीम वर्ग में अक्षय चक्रवर्ती जबलपुर, द्वितीय भूपेंद्र बनारस, कुमार मे प्रथम निहाल भिलाई, द्वितीय सुबोध राय, अभिमन्यु मे प्रथम चंदन कटनी, द्वितीय सुनील देवांगन बलोदा, तरुण में प्रथम सुजीत चक्रवर्ती जबलपुर, द्वितीय सुर्या यादव चांपा रहे। वही महिला पहलवानों में रेणु कानपुर, नेहा मिश्रा मेरठ, संगली चौधरी कटनी, मालती चक्रवर्ती कटनी, नेहा मेरठ, छाया कुमारी चांपा विजेता बनी। विजेता पहलवानों को 50000 हजार रुपए सहित गदा, शिल्ड प्रतीक चिन्हो से सम्मानित किया गया। आयोजन में विशिष्ट अतिथि गिल्लुराम शर्मा, इब्राहिम मेमन, संतोष गुप्ता, राधेश्याम देवांगन, शंकर सिंघानिया, संदीप शर्मा, संदीप यादव थे। आयोजन को सफल बनाने में काली दास महंत, महेश यादव, संतदास, झन्नु विश्वाकर्मा, सत्यप्रकाश निर्मलकर, हरियादव, अभिमन्यु यादव, विनय बाल्मिकी, तिलेश केंवट, प्रमोद राय, हेमंत देवांगन, निलेश यादव का योगदान रहा।