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#Topic Of The Day- मांग व आपूर्ति की जगह वादा बाजार पर आश्रित है मूल्य निर्धारण : सुशील जैन

- जैन ने बताया कि समय के साथ व्यवसाय में काफी बदलाव आया है

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#Topic Of The Day- मांग व आपूर्ति की जगह वादा बाजार पर आश्रित है मूल्य निर्धारण : सुशील जैन

टॉपिक ऑफ द डे
जांजगीर-चांपा. पत्रिका डॉट काम द्वारा आयोजित टॉपिक ऑफ द डे में चेंबर ऑफ कामर्स के शहर अध्यक्ष तथा किराना व्यवसायी संघ के संरक्षक सुशील जैन शामिल हुए। उन्होंने बताया कि वर्तमान अर्थ व्यवस्था में मांग आपूर्ति की जगह वादा बाजार हावी हो गया है और इसी के चलते सामानों की कीमतों में समय-समय पर फेरबदल हो रहे हैं।

चेंबर ऑफ कामर्स के शहर अध्यक्ष तथा किराना व्यवसायी संघ के संरक्षक जैन ने बताया कि समय के साथ व्यवसाय में काफी बदलाव आया है। व्यवसायी भी वर्तमान ट्रैंड्स के साथ चल रहे हैं, जिससे ग्राहकों को सही चीज समय पर उपलब्ध हो सके। उन्होंंने बताया कि व्यवसाय पर वादा बाजार हावी है, जिससे कई बार किसी चीज की मांग नहीं होने के बाद भी कीमत में बढ़ोतरी हो जाती है।

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व्यवसायी वर्तमान अर्थव्यवस्था के साथ ग्राहकों की पसंद को ध्यान में रखते हुए चल रहे हैं और व्यापारी व ग्राहकों के बीच संबंध मधुर हैं, जिससे नीतियों व नियमों के कारण होने वाली परेशानियों से आसानी से निजात मिल रही है। उन्होंने ग्राहकों का फोकस पैक्ड सामानों पर ज्यादा होने की बात कही। पैक्ड सामानों में खासकर बेस्ट बिफोर यूज को लेकर समस्याएं सामने आती है।

उन्होंने बताया कि ग्राहकों को लेटेस्ट पैक हुआ सामान चाहिए, जबकि सामान की अंतिम तिथि में समय रहता है, इससे व्यापारियों को थोड़ी परेशानी है। उन्होंने डिजिटाइजेश से उपजी समस्या को क्षणिक बताया। ज्यादातर दुकानों में इलेक्ट्रानिक्स माध्यम से भुगतान की सुविधाएं होने की बात कही। इसी तरह उन्होंने मुद्रा खासकर चिल्हर की समस्या पर बताया कि व्यवसायी संघ बैंकर्स के साथ मिलकर इसका समाधान निकालने बड़ी हद तक सफल हैं। बाजार में सभी चिल्हर ग्राहक व दुकानदार ले रहे हैं, जिससे विवाद की स्थिति समाप्त हो गई है।

गलियों में हो स्पीडब्रेकर
व्यवसायी जैन ने बताया कि सड़कों पर बनने वाले स्पीड ब्रेकर मुख्य मार्ग के बजाए उससे मिलने वाले गलियों व सहायक सड़कों पर बने। उनका मानना रहा कि गलियों से निकलकर वाहन चालक मुख्यमार्ग पर स्पीड से ना जाएं। इन गलियों के मुहाने पर स्पीड ब्रेकर होने से वाहनों की रफ्तार धीमी हो जाएगी, जिससे मुख्य मार्ग में होने वाले हादसों में कमी लाई जा सकती है।