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500 से अधिक परिवारों ने हिंदू धर्म में की वापसी, सक्ती में ‘घर वापसी’का हुआ ऐतिहासिक आयोजन…

Ghar Wapsi Campaign: छत्तीसगढ़ के सक्ति जिले में रविवार को आयोजित एक बड़े धार्मिक कार्यक्रम में 500 से अधिक परिवारों के 610 लोगों ने हिंदू धर्म में वापसी की।

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500 से अधिक परिवारों ने हिंदू धर्म में की वापसी, सक्ती में ‘घर वापसी’का हुआ ऐतिहासिक आयोजन...(photo-patrika)

500 से अधिक परिवारों ने हिंदू धर्म में की वापसी, सक्ती में ‘घर वापसी’का हुआ ऐतिहासिक आयोजन...(photo-patrika)

Ghar Wapsi Campaign: छत्तीसगढ़ के सक्ति जिले में रविवार को आयोजित एक बड़े धार्मिक कार्यक्रम में 500 से अधिक परिवारों के 610 लोगों ने हिंदू धर्म में वापसी की। धर्म जागरण समन्वय के तत्वावधान में सिद्ध हनुमान मंदिर परिसर में यह आयोजन हुआ, जिसमें पारंपरिक विधि-विधान के साथ सभी की पुनर्वापसी कराई गई।

कार्यक्रम में वैदिक मंत्रोच्चारण, चरण पखारने और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सभी परिवारों का सम्मानपूर्वक स्वागत किया गया। वातावरण पूरी तरह धार्मिक और आध्यात्मिक रहा, जहां बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

Ghar Wapsi Campaign: प्रबल प्रताप सिंह जूदेव रहे मौजूद

अखिल भारतीय घर वापसी अभियान के प्रमुख प्रबल प्रताप सिंह जूदेव स्वयं कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने परिवारों के चरण पखारकर उनकी ‘घर वापसी’ कराई और इसे सांस्कृतिक पुनर्संयोग का प्रतीक बताया। आयोजकों ने बताया कि यह पहल स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव द्वारा शुरू किए गए ‘घर वापसी अभियान’ से प्रेरित है, जिसका उद्देश्य सांस्कृतिक पहचान को पुनर्स्थापित करना है।

सांस्कृतिक जागरण का संदेश

आयोजकों के अनुसार, यह केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं बल्कि सनातन परंपरा और सांस्कृतिक जागरण का प्रतीक है। इस दौरान उपस्थित लोगों ने धर्म और राष्ट्र की रक्षा के लिए संकल्प भी लिया। कार्यक्रम में कई संतजन, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। आयोजन को सफल बनाने में कई लोगों का योगदान रहा, जिन्हें मंच से धन्यवाद भी दिया गया।

आगे भी जारी रहेगा अभियान

आयोजकों ने स्पष्ट किया कि ‘घर वापसी अभियान’ को केवल एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे लगातार आगे बढ़ाया जाएगा। उनका कहना है कि समाज में सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ाने, परंपराओं से जुड़ाव मजबूत करने और सामाजिक एकता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से ऐसे आयोजन समय-समय पर किए जाएंगे।

इसके लिए गांव-गांव तक पहुंच बनाकर लोगों को जोड़ा जाएगा और व्यापक स्तर पर जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग इससे जुड़ सकें।