
नाराज मरीज के परिजनों ने अस्पताल में हंगामा मचाया
जांजगीर-चांपा. मालखरौदा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों को कोई सुविधा तो मिल नहीं रही, लेकिन शासन से पैसे मिलने के बाद भी घटिया खाना परोसी जा रही है। इससे नाराज मरीज के परिजनों ने अस्पताल में हंगामा मचाया, जिसके बाद बीपीएम मौके पर पहुंचे और खाना सप्लायर को फटकार लगाई। साथ ही जीवनदीप समिति की बैठक में मामला रखने की बात कही।
मरीजों को ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्यगत सुविधा तो मिल नहीं रही है, लेकिन जो सुविधाएं स्थानीय स्तर पर मिलनी चाहिए, उसमें भी लोग कुंडली मारकर बैठे हैं। मालखरौदा के सीएचसी में मरीजों को घटिया खाना परोसने की शिकायत पर अधिकारियों ने अस्पताल का दौरा किया और मरीजों को बांटे जा रहे खाने की क्वालिटी देखकर उन्हें हस्तक्षेप करना पड़ा। यहां मरीजों को स्तरहीन खाना पन्नी में पैक कर मरीजों को दिया जा रहा है।
इसकी शिकायत मरीजों के परिजन ने बीएमओ से की थी, जिस पर उन्होंने बीपीएम को जांच के लिए भेजा, जहां बीपीएम विजय निर्मलकर के सामने ही मरीजों को पन्नी में पैक किया खाना परोसा जाने लगा। खाने में भी कोई स्तर नहीं था। इससे मरीज के परिजन भड़क गए और बीपीएम को खरी-खोटी सुनाने लगे, जिसे बीपीएम निर्मलकर को भी व्यवस्था में खामी को स्वीकार करना पड़ा और मरीजों को शाम से ही अच्छे खाने का आश्वासन देना पड़ा। वहीं मौके पर ही अस्पताल में मरीजों को खाना खिलाने की जिम्मेदारी लेने वाल यादव होटल के संचालक को बुलाकर सख्त हिदायत दी गई।
बीपीएम ने यादव होटल के संचालक को यह भी कहा कि सोमवार 30 अप्रैल का भुगतान नहीं किया जाएगा और घटिया खाने के बारे में जीवनदीप समिति में रखा जाएगा।
मीनू चार्ट का पता नहीं
अस्पतालों में भर्ती मरीजों की स्थिति व बीमारी के हिसाब से खाना परोसने का प्रावधान है, जिसके लिए शासन स्तर से मीनू चार्ट बनाया गया है, लेकिन मालखरौदा सीएचसी में मीनू चार्ट का कहीं पता नहीं है। यहां तक की संबंधित होटल संचालक को भी इसकी जानकारी नहीं है कि किस मरीज को क्या खाना उपलब्ध कराना है। मरीजों ने बताया कि यहां रोज ही पन्नी में पैक किया हुआ चावल, दाल व एक सब्जी परोसा जा रहा है,
जबकि भोजन में पौष्टिक तत्वों का जो समावेश होना चाहिए उसका सर्वथा अभाव बना हुआ है। एक मरीज ने अपना खाना दिखाते हुए बताया कि बार-बार लौकी की सब्जी परोसी जा रही है। उस पर भी कई लौकी के तुकड़े पके भी नहीं है, जिसे थाली में छोड़ दिया जा रहा है। यह स्थिति रोज के खाने की है,
जिसे स्वस्थ्य व्यक्ति भी खाकर बीमार हो सकता है। वहीं मरीजों को खाना परोसने के लिए ठेकेदार को टिफिन डिब्बा भी उपलब्ध कराया गया है, लेकिन ठेकेदार पन्नी में पैक कर खाना सप्लाई कर रहा है, जो नियमों का खुला उल्लंघन है, फिर भी कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति समझ से परे है।
Published on:
01 May 2018 12:21 pm
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