1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Video- ऐसी क्या मजबूरी आई कि जनता विकास के लिए सड़क पर उतर आई, पढि़ए खबर…

- पामगढ़ विधानसभा अंतर्गत बिलारी मोड़ राहौद में चक्काजाम - रीवांपार ग्रामवासियों ने दो घंटे तक किया प्रदर्शन, महिलाएं भी रहीं शामिल

2 min read
Google source verification
ऐसी क्या मजबूरी आई कि जनता विकास के लिए सड़क पर उतर आई, पढि़ए खबर...

ऐसी क्या मजबूरी आई कि जनता विकास के लिए सड़क पर उतर आई, पढि़ए खबर...

जांजगीर-पामगढ़. एक तरफ राज्य के मुखिया डॉ. रमन सिंह विकास यात्रा के दौरान एक-एक कार्यक्रम में करोड़ों रुपए खर्च कर भाजपा शासन में किए गए विकास कार्यों का ढिंढोरा पीट रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ जमीनी हकीकत यह है कि ग्रामीणों को अब ग्राम विकास के लिए सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। ऐसा ही कुछ नजारा रविवार को पामगढ़ विकासखंड अंतर्गत रीवांपार में देखने को मिला। यहां के ग्रामीण अपनी चार प्रमुख मांगों को लेकर सड़क पर उतर आए और बिलारी मोड़ राहौद में सुबह 11 बजे से चक्काजाम कर दिया। चक्काजाम होने की जानकारी मिलने पर मौके पर पामगढ़ एसडीएम पहुंचे और उन्होंने लोगों को समझाया और दोनों के बीच आपसी सहमति बनी। इस तरह चक्काजाम दो घंटे बाद दोपहर एक बजे समाप्त हुआ।

Read More : Video- पामगढ़ सीईओ के खिलाफ चल रहा अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन पर दूसरे ही दिन लग गया ब्रेक, पढि़ए खबर...
चक्काजाम के दौरान रीवांपार गांव की महिलाएं, बच्चे, युवा बुजुर्ग भारी संख्या में मौजूद रहे। उनके हांथों तख्ती और बैनर भी थे, जिसमें उनके द्वारा की जा रही मांगों को लिखा गया था। प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप है कि उनके द्वारा गांव में विकास कार्य के लिए बार-बार अधिकारियों से गुहार लगाई जा रही थी, लेकिन कोई उनकी सुनने वाला नहीं था। मजबूरी में पूरे ग्रामवासियों को एक होकर चक्काजाम करने के लिए मजबूर होना पड़ा। यह अपने आपमें बड़ी विडंबना है कि जिस क्षेत्र के विधायक विकास की बखान करते फिर रहे हैं वह एक ग्राम पंचायत की चार छोटी-छोटी मांगों को नहीं पूरा कर पाए हैं।

विधायक के प्रति दिखा रोष
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों में सबसे अधिक गुस्सा पामगढ़ विधायक और संसदीय सचिव अंबेश जांगड़े को लेकर देखा गया। ग्रामीण यह मांग करते भी नजर आए कि उनके सामने विधायक जांगड़े को लाया जाए वह उनसे इस बदहाली के लिए जिम्मेदार का नाम जानना चाहते हैं और यह पूछना चाहते हैं कि क्या विधायक की जिम्मेदारी नहीं है कि वह विकास कार्य को लेकर यहां भी ध्यान दें। लेकिन विधानसभा सत्र चलने के कारण विधायक जांगड़े वहां नहीं पहुंचे और एसडीएम ने लोगों को किसी तरह शांत कराया।

यह रहीं प्रमुख मांगे
1. राहौद से रीवांपार तक सड़क का निर्माण कराया जाए।
2. ग्राम रीवांपार में मुक्तिधाम का निर्माण कराया जाए।
3. रीवांपार में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण कराया जाए।
4. ग्राम रीवांपार में ओवरहेड टैंक का निर्माण कराया जाए।

यह बनी सहमति
लोगों द्वारा किए गए चक्काजाम को खोलवाने के लिए पहुंचे पामगढ़ एसडीएम सागर सिंह राज ने लोगों को समझाया और उनकी मांगे मानने के लिए उच्चाधिकारियों से बात करने का आश्वासन दिया, लेकिन लोगों में इतना गुस्सा था कि वह तीन घंटे तक अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन करते रहे। अंत में एसडीएम और प्रदर्शनकारियों के बीच सहमति बनी जो कि एसडीएम ने उन्हें लिखकर दिया। इस दौरान जो सहमति बनी उसमें खोखरी मौड़ से रीवांपार तक चार किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कार्य एक माह बाद शुरू करा दिया जाएगा। इसी तरह मुक्तिधाम का निर्माण 15 दिवस के भीतर शुरू हो जाएगा। दो नलकूपों का खनन कार्य दो दिन के भीतर कर पेयजल की सुलभ व्यवस्था की जाएगी और अवश्यकतानुसार सर्वे करके ग्राम रीवांपार में सीसी रोड का निर्माण कार्य भी कराया जाएगा। इन चार मांगों पर बनी सहमति के साथ ही एसडीएम ने लोगों को सड़क में हुए गड्ढों को तत्काल भराने की बात कही, जिससे आवागमन सुचारु हो सके।

-रीवांपार ग्राम के लोगों ने अपनी मांगों को लेकर चक्काजाम किया था। उन्हें समझाइश देकर उनकी मांगों को मानने की बात कही गई। उसके बाद जाम खोल दिया गया है और यातायात सुचारु हो गया है- सागर सिंह राज, एसडीएमए पामगढ़