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मुलमुला टीआई के सबसे खास सिपाहियों में है सेंगर, फिर कैसे नहीं अवैध वसूली की जानकारी

- सिपाही श्रीकांत सेंगर की दबंगई से एक दलित सूरज कुमार टंडन को जहर खाकर खुदकुशी करने पर होना पड़ा मजबूर

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मुलमुला टीआई के सबसे खास सिपाहियों में है सेंगर, फिर कैसे नहीं अवैध वसूली की जानकारी

जांजगीर-चांपा. मुलमुला थाने में सतीश नोरगे कांड एक बार फिर दोहराते-दोहराते बच गया, लेकिन पुलिस अधिकारियों की नींद नहीं खुल रही है। यहां की थाना प्रभारी रशमीत कौर चावला और उसके सबसे खास व विश्वासपात्र सिपाही श्रीकांत सेंगर की दबंगई से एक दलित सूरज कुमार टंडन को जहर खाकर खुदकुशी करने पर मजबूर होना पड़ा।

पीडि़त का कहना है कि वह थाने की साफ-सफाई करके खुश था, लेकिन डेढ़ साल पहले तत्कालीन थाना प्रभारी ने उसे बस स्टैंड में सवारी वाहनों से वसूली का कार्य सौंपा। लेकिन जब से थाने में श्रीकांत सेंगर पामगढ़ से आया उसकी दबंगई चालू हो गई। उसने सूरज से हर माह 10-15 हजार रुपए की मांग किया, नहीं देने पर उसने सूरज को थाने बुलाकर बेरहमी से पीटा और धमकी दिया कि समय पर हफ्ता नहीं पहुंचाया तो वह उसे ऐसे ही पीटेगा।

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मरता क्या न करता को और कोई रास्ता नहीं सूझा तो उसने चूहामार दवा खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त करने का ही निर्णय ले लिया। मुलमुला क्षेत्र के लोगों से जब इस बारे में बात की गई तो उन्होंने खुलकर तो नहीं बोला, लेकिन उन्होंने श्रीकांत सेंगर को थाना प्रभारी का खासमखास बताया और कहा कि मैडम तो पर्दे के पीछे रहती है, उनका सारा कार्य चाहे वह सही हो या गलत सेंगर ही देखता था। लोगों का कहना है कि मैडम को थाना क्षेत्र में हर वैध अवैध कार्य की जानकारी होती है। जबकि मुलमुला टीआई रशमीत कौर चावला का कहना है कि उन्हें इस घटना के बारे में जानकारी ही नहीं है।

भूल मिटाने की जगह मीडिया को दबाने का प्रयास
मुलमुला थाना प्रभारी का चार्ज प्रशिक्षु डीएसपी रशमीत कौर चावला के पास पिछले कई महीनों से है। इतने जिम्मेदार पद पर बैठकर जिस थाना प्रभारी को अपनी भूल को मिटाने के लिए पीडि़त के पास जाकर उसे न्याय दिलाने और आरोपी सिपाही के खिलाफ जांच करने का आश्वासन देना चाहिए वह उल्टा इस खबर को मीडिया में आने देने के लिए पत्रकारों को यह तक कहने से पीछे नहीं हट रही हैं कि उनकी ड्यूटी को लेकर यदि उल्टी सीधी खबर छापी तो वह कोर्ट केस कर मानहानि का दावा करेंगी। मैडम का ऐसा बेतुका बयान यह साबित करता है कि कहीं न कहीं उन्हें इस मामले की भी जानकारी थी, लेकिन वह अपनी आंखे बंद करके बैठी थीं।

मामले की जांच के लिए एसपी जांजगीर को निर्देशित किया गया है। मामले की जांच गंभीरता के साथ होगी और जो भी इसमें दोषी पाया जाएगा चाहे वह थाना प्रभारी हो या सिपाही कार्यवाही की जाएगी- पुरुषोत्तम गौतम, आईजी, बिलासपुर रेंज