
वार्दीधारी परिवार वालों पर चला अंग्रेजी हुकूमत का डंडा, दर्जन भर महिलाओं व उनके बाल-बच्चों को पुलिस ने दौड़ाकर पकड़ा
जांजगीर.चांपा। पुलिस परिवार वालों को विभिन्न मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन का मामला शुक्रवार को बेदम तूल पकड़ लिया। इस मामले को लेकर एसपी ने शुक्रवार को शहर के चौक चौराहों में बलों की झड़ी लगा दी थी। हर चौक चौराहों में सैकड़ों पुलिसकर्मी तैनात थे और पुलिस परिवार वालों की आशंका पर दर्जनों महिलाओं को शहर के बीच शापिंग काम्प्लेक्स और दुकानों से पकड़कर पुलिस लाइन ले गए।
कोई बच्चों का टीका लगवाने के लिए अस्पताल गए थे उन्हें पकड़ लिया तो कोई सब्जी बाजार सब्जी लेने गए थे उन्हें जबरन गाड़ी में बिठाकर ले गए। इस तरह सुबह से लेकर शाम तक उनकी धमाचौकड़ी चलती रही। इस मामले को लेकर पुलिस परिवार वालों में दहशत का माहौल था। क्योंकि पुलिस परिवार वालों के घरों में ही बल लगा दी गई थी। शाम तक तकरीबन एक दर्जन परिवार को पुलिस लाइन के मल्टी स्टोरी बैरक में रखा और उन्हें समझाईश देकर शाम तक छोड़ा गया।
पुलिस वालों को अंग्रेज शासन काल के समय से बनाए गए कानून का विरोध ने पूरे प्रदेश में भूचाल ला दिया है। इसका असर शुक्रवार को जांजगीर-चांपा जिले में भी देखने को मिला है। दरअसल पुलिस परिवार वालों ने धरना प्रदर्शन के लिए गुरुवार को एसडीएम जांजगीर से मांग की थी, लेकिन उन्हें प्रशासन ने उन्हें अनुमति नहीं दी थी। इसके बाद भी कई पुलिस परिवार वालों की महिलाएं अपनी मांग पर अड़ीं थीं। जिसे लेकर एसपी ने चाक चौबंद व्यवस्था कर ली थी।
जिले भर के एसडीओपी, थाना प्रभारी, सब इंस्पेक्टर व अन्य बलों की ड्यूटी जांजगीर के प्रत्येक चौक चौराहों में लगाया था। जब पुलिस वालों को अपने ही परिवार वालों की महिलाएं नजर नहीं आईं तो वे ऐसे महिलाओं को चिन्हांकित कर धर पकड़ शुरू कर दी जो बाजार में खरीददारी करने गईं थीं। कोई महिलाएं बच्चों को टीका लगवाने अस्पताल निकली थीं तो कई बाजार में कपड़े लेने व अन्य खरीददारी।
बेबस पुलिस के जवान अपने बड़े अफसरों के आदेश का पालन करते हुए जबरन पुलिस परिवार की महिलाओं को पकड़ते हुए अपने वाहनों में बिठाया और पुलिस लाइन के बैरक में ले गए। इस दौरान मीडिया ने पुलिस से पूछताछ की गई तब उनका कहना था कि काउंसिलिंग के लिए लाइन में लाए हैं। उनके खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं की जाएगी। बल्कि उनसे पूछताछ कर छोड़ दिया जाएगा।
इस दौरान महिलाएं अपने ही विभाग के पुलिस अफसरों के बर्बता का सामना करना पड़ा। हालांकि बेबस पुलिसकर्मी दबी जुबान से इसे गलत बताया और अफसरों के आदेश का पालन करने की मजबूरी बताया।
नहीं तो करेंगे कड़ी कार्रवाई
पुलिस ने जिन पुलिस परिवार की आधा दर्जन महिलाओं को पकड़ा है उनसे गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि उनकी काउंसिलिंग की जा रही है, लेकिन वहीं दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि महिलाओं को समझाईश दी जाएगी, यदि वे नहीं मानती हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अब देखना यह है कि इन महिलाओं के खिलाफ क्या कार्रवाई की जा रही है।
सुबह छह बजे से दे रहे पहरा
पुलिस परिवार की महिलाओं के आंदोलन को असफल बनाने के लिए जिले भर की पुलिस वालों की ड्यूटी जांजगीर के विभिन्न चौक चौराहों में लगाई थी। पुलिस वाले अपने ही परिवार वालों को गिरफ्तार करने के लिए डटे हुए थे। हालांकि होशियार पुलिस वालों ने अपनी घर की महिलाओं को घर की दहलीज से बाहर निकलने के लिए अनुमति नहीं दिया, लेकिन आधा दर्जन परिवार वालों की महिलाएं सुबह से आंदोलन करने के मूड में थे। इन्हें पकडऩे के लिए बड़ी संख्या में पुलिस अफसर के अलावा महिला पुलिस बल को लगाया गया था।
-आधा दर्जन महिलाओं को वाहन में बिठाकर पुलिस लाइन लाया गया है। काउंसिलिंग के बहाने उनसे पूछताछ की जा रही है। महिलाओं को समझाइश दी जा रही है। उनके खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं की जा रही है। यदि वे नहीं मानते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है- पंकज चंद्रा, एएसपी
Updated on:
22 Jun 2018 06:39 pm
Published on:
22 Jun 2018 06:34 pm
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