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मरम्मत के नाम पर 14 घंटे बंद रहा कन्हाईबंद नैला रेलवे फाटक, दोनों ओर लगी रही वाहनों की कतारें

- लोगों के पास आवागमन के लिए कोई वैकल्पिक रास्ता भी नहीं

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मरम्मत के नाम पर 14 घंटे बंद रहा कन्हाईबंद नैला रेलवे फाटक, दोनों ओर लगी रही वाहनों की कतारें

मरम्मत के नाम पर 14 घंटे बंद रहा कन्हाईबंद नैला रेलवे फाटक, दोनों ओर लगी रही वाहनों की कतारें

जांजगीर-चांपा. कन्हाईबंद नैला रेलवे फाटक को मंगलवार की रात 8 बजे से बुधवार की सुबह 10 बजे तक मरम्मत के लिए बंद कर दिया गया था। इस दौरान सैकड़ों राहगीर रात भर से लेकर सुबह तक 14 घंटे तक फाटक के पास फंसे रहे। फाटक के दोनों ओर वाहनों की कतारें लगी रही। लोग परेशान होते रहे, लेकिन रेल प्रबंधन को लोगों की परेशानियों से कोई सरोकार नहीं रहा। इतना ही नहीं लोगों के पास आवागमन के लिए कोई वैकल्पिक रास्ता भी नहीं है, नहीं तो लोग उस रास्ते को अपनाते।

कन्हाईबंद रेलवे फाटक लोगों के लिए परेशानियों का सबब बन चुका है। यहां आए दिन मरम्मत के नाम पर घंटों बंद कर दी जाती है। इतना ही नहीं कभी कभी रात भर इस मार्ग को बंद कर दिया जाता है। इसके चलते लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

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बुधवार को रात 8 बजे से कन्हाईबंद नैला फाटक को बंद कर दिया गया था। यहां बुधवार की सुबह 10 बजे तक बंद कर मरम्मत कार्य किया गया। रेल लाइन में बड़े-बड़े गड्ढे खोद दिए गए थे। इस कारण लोगों को फाटक पार करना मुश्किल हो गया था। यहां तक कि लोग पैदल भी फाटक पार नहीं कर पा रहे थे। मौके पर मौजूद लोगों द्वारा रेलवे के अधिकारियों से पूछताछ की गई तब उनका कहना था कि इसकी सूचना दी गई थी। इसके बाद भी लोग इस रूट में फंसे रहे यह उनकी गलती नहीं है।

नहीं है कोई वैकल्पिक मार्ग
इस रूट में आवागमन के लिए कोई वैकल्पिक मार्ग नहीं होने से सबसे अधिक परेशानी यात्रियों को होती है। रैला से आगे अंडरब्रिज है जिसमें कमर भर का पानी भरा है। जिससे आवागमन करना मुश्किल है। आखिरकार लोगों को 10 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय कर खोखसा से नैला आना पड़ेगा। तब वे आगे की यात्रा पूरी कर पाएंगे।

स्कूल नहीं पहुंच पाए शिक्षक
नैला का रेलवे फाटक बंद होने से एक ओर जहां दैनिक कार्य के लिए एक क्षेत्र के दूसरे क्षेत्र की ओर आवागमन करने वाले लोग भटकते रहे। वहीं शिक्षक-शिक्षिकाएं, दूध, पेपर समेत अन्य कार्य करने वाले का कारोबार प्रभावित हुआ। समय पर शिक्षक स्कूल नहीं पहुंच पाए। यदि उनके लिए कोई वैकल्पिक मार्ग होता तो निश्चित ही अपने मुकाम तक पहुंच जाते, लेकिन ऐसे लोगों का बुधवार का दिन खराब हो गया।

-कन्हाईबंद नैला फाटक बंद कर मरम्मत किए जाने की सूचना दो दिन पहले लोगों को दी गई थी। फाटक के आगे पीछे पंप्लेट चिपकाए गए थे। लोग ऐसी सूचना को गंभीरता से ध्यान नहीं देते इसके चलते उन्हें परेशानी होती है- अंबिकेश साहू, जनसंपर्क निरीक्षक रेलवे