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छात्रावास में बैक डोर से कर ली भर्ती, अब कर्मचारियों को वेतन के लाले

Janjgir Champa News: जिले के अधिकतर छात्रावासों में चतुर्थ वर्ग के कर्मचारियों की बैक डोर से भर्ती कर ली गई है।

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Recruitment was done through back door in hostel Janjgir Champa

छात्रावास में बैक डोर से कर ली भर्ती

जांजगीर-चांपा। Chhattisgarh News: जिले के अधिकतर छात्रावासों में चतुर्थ वर्ग के कर्मचारियों की बैक डोर से भर्ती कर ली गई है। अब इन कर्मचारियों को वेतन के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। एक ओर सहायत आयुक्त आदिवासी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि भर्ती हमारे द्वारा नहीं की गई है। जिन छात्रावास अधीक्षकों द्वारा भर्ती की गई है वही जानेंगे। जबकि हकीकत यह है कि भर्ती में सहायक आयुक्त की भी मौन स्वीकृति थी। अब इन कर्मचारियों का भविष्य अंधकारमय हो चुका है। दिवाली जैसे त्योहारी सीजन में भी इन कर्मचारियों का वेतन भुगतान नहीं हो पाने से कर्मचारी अपने आप को ठगा महसूस कर रहे हैं।

आपको बता दें कि जिले में 122 से अधिक छात्रावास संचालित है। छात्रावास में सुविधाओं का अभाव होने से एक ओर छात्रों का मोहभंग हो रहा है। तो वहीं छात्रावास अधीक्षकों को केवल ऊपरी कमाई से सरोकार है। कई छात्रावास में काम कर रहे चतुर्थ वर्ग के कर्मचारियाें ने बताया कि दिवाली सीजन में भी उन्हें वेतन नहीं मिल पा रहा है। अधीक्षकों ने अपने छात्रावासों में बैक डोर से भर्ती तो कर ली जब वेतन देने की बारी आई तो अधीक्षक जिला मुख्यालय का दरवाजा खटखटाने की राय दे रहे हैं। इसके चलते ऐसे कर्मचारियों में उहापोह की स्थिति निर्मित हो गई है। आखिर वे अपनी दिवाली कैसे मनाएंगे।

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शिकायतों की वजह से छीना वित्तीय अधिकार

आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त एचके सिंह उइके का वित्तीय अधिकार तत्कालीन कलेक्टर तारण प्रकाश सिन्हा ने छीन लिया है। उनके स्थान पर कलेक्टोरेट के डिप्टी कलेक्टर को प्रभार दिया गया है। इतना ही नहीं इससे पहले सक्ती जिला अलग होने के उनके अधिकार क्षेत्र में व्यापक कटौती भी की गई है। इसके बाद भी छात्रावासों में व्यवस्था बनाने सहायक आयुक्त नाकाम हैं। वहीं जिले के छात्रावासों में बदहाली है।

Q. छात्रावासों में बैकडोर से बड़ी तादात में चतुर्थ वर्ग के कर्मचारियों की भर्ती की गई है?
A. मुझे इस संबंध में जानकारी नहीं है।

Q. तो किसने की है भर्ती?
A. छात्रावास अधीक्षक व भर्ती करने वाले अधिकारी जानें।

Q. अब ऐसे कर्मचारी वेतन के लाले पड़े हैं?
A. जिसने भर्ती किया है वही भुगतान करेगा।

Q. आपके निर्देश के बिना कोई कर्मचारियों की भर्ती कैसे कर सकता है?
A. इस संबंध में मैं कुछ नहीं बोल सकता।

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जांजगीर चंपा

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