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जिले की सड़कें हर रोज हो रही खून से लाल, पिछले 11 वर्षों में इतने हजार लोगों ने गंवाई जान

Road Accident: जिले के लोग जान हथेली पर रख आवागमन करने को मजबूर हैं। हर साल सड़क दुर्घटना में मौत के आंकड़ें बढ़ रहे हैं। लाख प्रयास के बाद भी दुर्घटनाएं कम होने का नाम नहीं ले रही है।

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जिले की सड़कें हर रोज हो रही खून से लाल, पिछले 11 वर्षों में इतने हजार लोगों ने गंवाई जान

जिले की सड़कें हर रोज हो रही खून से लाल, पिछले 11 वर्षों में इतने हजार लोगों ने गंवाई जान

जांजगीर-चांपा. जिले में दिन-ब-दिन यातायात अव्यवस्थित होते जा रहा है। हर दूसरे दिन सड़क पर लोगों की जान जा रही है। यातायात व्यवस्थित करने पुलिस अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। बावजूद लोगों को जान से हाथ धोना पड़ रहा है। पुलिस विभाग के अनुसार यह आंकड़ा पूरे प्रदेश में दूसरे नंबर पर है। राजधानी में पिछले 11 सालों में जहां लगभग ढाई हजार लोगों की मौत हुई है तो वहीं जांजगीर में 2084 लोग सड़क पर जान गवां बैठे हैं।

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जिले में बढ़ते औद्योगीकरण के चलते भारी वाहनों का दबाव बढ़ गया है। खासकर अकलतरा का केएसके वर्धा पॉवर प्लांटए डभरा क्षेत्र के अथेना, डीबी पॉवर सहित बलौदा क्षेत्र के चार-चार कोलवॉशरी के दैत्याकार कोयले से भरे ट्रेलरों में हर रोज लोग दबकर कालकवलित हो रहे हैं। जिले में दस साल के बीच तकरीबन आधा दर्जन पॉवर प्लांट खुल गए। इन पॉवर प्लांटों में भारी भरकम वाहनें दिन भर फर्राटे मार रहे हैं। इससे लगातार दुर्घटनाएं हो रही। ऐसे वाहनों की चपेट में आकर लोग मौत के घाट उतर रहे हैं।

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शराब भी बन रही प्रमुख वजह
लोग शराब पीकर वाहन चला रहे हैं। यही सड़क दुर्घटना की प्रमुख वजह बन रही है। खासकर शाम ढलते ही लोग शराब के नशे में वाहन चलाते हैं। जिसके कारण दुर्घटना के शिकार होते हैं। अधिकतर केस में यह पाया गया कि लोग शराब के नशे में थे, जिसके कारण दुर्घटना के शिकार हुए।

कार्रवाई नहीं

देश के कई प्रदेशों में हेलमेट अभियान की वजह से सड़क दुर्घटनाएं बेहद कम होती है। हालांकि छत्तीसगढ़ में भी हेलमेट की अनिवार्यता है, लेकिन यातायात विभाग लगातार कार्रवाई नहीं करते हैं। यदि लगातार अभियान जारी रहे तो निश्चित ही दुर्घटनाओं में कमी आएगी।

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सड़क दुर्घटना में साल दर साल बढ़े मौत के आंकड़े
2009-151
2010-152
2011-160
2012-182
2013-178
2014-199
2015-188
2016-200
2017-224
2018-230
2019-220

-लोगों को यातायात के नियमों का पालन करने कहा जाता है। बावजूद लोग नहीं मानते। इसके कारण लोग दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं। लोगों को यातायात पुलिस के माध्यम से समझाईश दी जाती है। इसके बावजूद लोगों में जागरूकता नहीं आ रही है। एससी परिहार, डीएसपी, ट्रैफिक