
चौकाने वाली खबर: मालिक के बेटे को बचाने के लिए नौकर ने लगाई जान की बाजी, चूस लिया जहरीले सांप का जहर
जांजगीर-चांपा. Snake Poison : मालिक के बेटे की जान बचाने के लिए कारखाना के वर्कर ने खुद अपनी जान खतरे में डालकर सांप के जहर को चूस लिया। इससे उसकी जान भी खतरे में पड़ गया। आखिरकार दोनों को चांपा के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। दोनों की हालत सामान्य बताई जा रही है। घटना चांपा के देवांगन मोहल्ले की है।
कोसा कपड़े कंपनी में एक कर्मचारी ने अपने मालिक के प्रति वफादारी की मिशाल पेश की है। कर्मचारी ने न केवल अपने मालिक के बच्चे की जान बचाई बल्कि अपनी जान भी खतरे में डाल दिया। दरअसल, चांपा के गंगा प्रसाद देवांगन का चांपा में कोसा कपड़े का कारखाना है। जहां उसका 12 साल का बेटा कुणाल खेल रहा था। इसी दौरान उसे कोबरा सर्प ने डस लिया।
जिसे देखते ही उसके कारखाने का वर्कर परमेश्वर देवांगन दौड़कर वहां पहुंचा और अपनी जान को खतरे में डालकर बच्चे के हाथ में जहां सर्प ने डसा था वहां के जहर को चूसकर बाहर निकाल दिया। इस आशय की खबर गंगा प्रसाद को लगी। उसने तत्काल अपने बच्चे कुणाल व परमेश्वर को चांपा के एनकेएच अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल के डॉक्टर रितेश डोडके दोनों का इलाज शुरू किया। फिलहाल दोनों की जान खतरे से बाहर है।
बचना मुश्किल था
कारखाने का कर्मचारी परमेश्वर देवांगन ने बताया कि कुणाल को कोबरा ने बुरी तरह डस दिया था। उसके हाथ में सर्प का जहर स्पष्ट दिखाई दे रहा था। उसे तत्काल राहत देना जरूरी था। जिसके चलते उसने खुद की जान को खतरे में डालकर उसके जहर को निकालना जरूरी समझा।
दोनों की जान सुरक्षित
एनकेएच के डॉक्टर रितेश डोडके ने बताया कि कुनाल को कोबरा ने बुरी तरह डसा था। उसके शरीर में जहर फैल गया था। उसकी हालत गंभीर थी। इसके साथ साथ उसे उचाने वाले परमेश्वर देवांगन के शरीर में भी जहर फैल गया था। लेकिन उसकी हालत उतनी गंभीर नहीं थी। दोनों का इलाज किया गया। परमेश्वर को तो छुट्टी दे दी गई है, लेकिन कुणाल का इलाज चल रहा है।
Published on:
26 Aug 2019 10:08 pm

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