
डॉ. मोदी भागकर कोतवाली थाने पहुंचे
जांजगीर-चांपा. जिला मुख्यालय जांजगीर स्थित मोदी मेमोरियल अस्पताल में इलाज करा रहे मरीज की मौत होने के बाद परिजनों ने डॉ. संतोष मोदी पर गलत उपचार का आरोप लगाते हुए उनकी पिटाई कर दी। परिजन इतने गुस्से में थे कि उन्होंने डॉक्टर को बुरी तरह घायल कर दिया, इसी दौरान किसी तरह भीड़ से बचकर डॉ. मोदी भागकर कोतवाली थाने पहुंचे और अपनी जान बचाई। पुलिस दोनों पक्षों की शिकायत लेकर जांच कर रही हैै।
कचेहरी चौक के पास स्थित मोदी मेमोरियल हास्पिटल में सोमवार रात बुड़ेना के पीआईएल कर्मचारी अमरजीत को तबीयत खराब होने पर परिजन लेकर पहुंचे थे। डॉ. संतोष मोदी ने अमरजीत पिता शांतिलाल (33) को भर्ती कर इलाज शुरू किया। इलाज के दौरान जब मरीज की हालत में सुधार नहीं हुआ तो डॉ. मोदी ने उसे बिलासपुर रेफर कर दिया। परिजन मरीज को बिलासपुर ले जा रहे थे कि रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
इससे गुस्साए परिजन रात दो बजे शव लेकर वापस मोदी हास्पिटल पहुंचे और डॉ. मोदी से फिर से चेकअप करने को कहा। जब डॉ. मोदी ने अमरजीत को मृत घोषित किया तो परिजनों ने डॉ. मोदी पर गलत इलाज का अरोप लगाते हुए उससे मारपीट शुरू कर दी। परिजनों ने मारकर डॉक्टर को घायल कर दिया। डॉक्टर किसी तरह अपनी जान बचाकर अस्पताल से भागा और सीधे कोतवाली थाने पहुंचकर अपनी जान बचाई।
देखते ही देखते परिजन भी कोतवाली थाने पहुंच गए और वहां भी हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत दर्ज करते हुए मामले की जांच करने का आश्वासन दिया है।
अस्पताल में दिया धरना
मृतक के परिजनों ने बुड़ेना से ग्रामीणों को भी बुला लिया और उसके बाद सैकड़ों की संख्या में लोगों ने शव को मोदी हास्पिटल के सामने रखकर धरना-प्रदर्शन करने लगे। उन्होंने डॉ. संतोष मोदी के खिलाफ कार्रवाई कर मुआवजे की मांग की। माहौल बिगड़ता देख जांजगीर पुलिस ने परिजनों को समझाईश दी। इसके बाद भी परिजन नहीं माने और एक घंटे तक विरोध प्रदर्शन करते रहे। बाद में शव को परिजन गांव ले गए और मंगलवार देर शाम दाहसंस्कार किया गया।
आईएमए ने भी एसपी को सौंपा ज्ञापन
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के स्थानीय शाखा ने डॉक्टर संतोष मोदी के साथ हुई अप्रिय घटना को लेकर सुरक्षा बरतने की गुहार लगाते हुए एसपी को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में बताया गया है कि डॉक्टर किसी मरीज का इलाज पूरी निष्ठा से करता है, वह नहीं चाहता कि किसी मरीज की जान चली जाए, लेकिन किसी कारण से मरीज की जान जाने पर डॉक्टरों से मारपीट की घटना सही नहीं है। आईएमए के सदस्यों ने इस तरह डॉक्टरों के साथ घटना होने पर सहजता से इलाज कर पाने में असमर्थता व्यक्त की है। आईएमए ने मांग की है कि डॉक्टर के साथ इस तरह मारपीट करना गलत है और इस पर कार्यवाही की जानी चाहिए।
परिजनों ने लगाया गलत इलाज का आरोप
मृतक अमरजीत के परिजनों का आरोप है कि डॉ. संतोष मोदी ने मरीज का इलाज ठीक से नहीं किया, जिसके कारण उसकी मौत हुई है। मरीज के बड़े भाई बजरंग लाठिया ने बताया कि जब हम अमरजीत को सोमवार रात को मोदी हास्पिटल लाये थे, तो उसको सिर्फ पेट में गैस की समस्या थी। उसका इलाज पहले डॉ. नरूला के पास कराया गया, लेकिन वहां ठीक नहीं होने पर डॉ. मोदी के हास्पिटल में लाए। डॉ. मोदी ने सही इलाज नहीं किया, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई और मरीज को बिलासपुर रेफर किया गया, जहां रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। मृतक की पत्नी सरस्वती ने बताया कि रात में गोली खाते ही मरीज की हालत बिगड़ी और बुलाने पर डॉक्टर दो घंटे बाद मरीज को देखने पहुंचा, तब तक उसकी हालत काफी बिगड़ गई थी। डॉक्टर ने उसे उसी हालत में रेफर किया, जिससे उसकी मौत हो गई।
डॉ. मोदी ने दी सफाई
डॉ. संतोष मोदी का कहना है कि मरीज अमरजीत को जब उनके पास लाया गया तो उसकी हालत ठीक नहीं थी। प्रारंभिक जांच के बाद मरीज का इलाज बिलासपुर के किसी हास्पिटल में कराने की सलाह भी दी गई, लेकिन परिजनों नहीं माने और उन्हीं की जिद पर इलाज शुरू किया गया। टेस्ट के दौरान मरीज के हार्ट में समस्या सामने आई। मरीज को जल्द बिलासपुर ले जाने को कहा गया, लेकिन परिजन बिलासपुर ले जाने में लेट करते रहे। अंत में डॉ. मोदी ने खुद एंबुलेंस बुलाकर रात 2 बजे बिलासपुर के लिए मरीजो को रेफर किया गया। रास्ते में मरीज की मौत होने पर परिजन फिर वापस आए जैसे ही चेकअप कर बताया कि मरीज की हदय गति रुकने से मौत हो गई है तो परिजन के साथ आए कुछ लोगों ने मारपीट शुरू कर दी। उन्होंने जान से मारने की धमकी भी दी। मैंने किसी तरह जांजगीर थाना जाकर अपनी जान बचाई।
Published on:
22 Aug 2018 04:14 pm
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