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केले के रेशे से बने जैकेट को पीएम ने पहना, गदगद हुए गांव के किसान

- केले के रेशे से कपड़ा बनाने के विकसित तकनीक के बारे में पीएम को दी जानकारी

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केले के रेशे से बने जैकेट को पीएम ने पहना, गदगद हुए गांव के किसान

केले के रेशे से बने जैकेट को पीएम ने पहना, गदगद हुए गांव के किसान

जांजगीर-चाम्पा. किसान सम्मेलन में पहली बार जांजगीर जिला मुख्यालय पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाज्वल्य देव कृषक आत्मा समिति बहेराडीह के 15 सदस्यीय केला अनुसंधान टीम के सचिव कोसमंदा की प्रगतिशिल महिला कृषक रेवती यादव ने केले के अवशेष अर्थात केले के रेशे से तैयार जैकेट तथा सिवनी के कृषक पिलेस्वर देवांगन द्वारा अलसी के शाल कपड़े से प्रशासन की ओर से भेंट किया। बाकायदा प्रधानमंत्री मोदी ने जैकेट को पहना और शाल को अपने पास रखा। जिसे देख कोसमंदा व बहेराडीह के किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई।

इससे पूर्व जिला प्रशासन द्वारा लगाए गए स्टॉल के अवलोकन के दरमियान स्टॉल में मौजूद बलौदा ब्लॉक के बहेराडीह गांव के कृषक मित्र व कृषि विज्ञान केंद्र के ई .संगवारी दीनदयाल यादव और केला अनुसंधान टीम के कोषाध्यक्ष प्रगतिशिल महिला कृषक गीता यादव के द्वारा पीएम मोदी के समक्ष केले के अवशेष तने से रेशे निकालते हुए धागा बनाकर दिखाया। इस दौरान सीएम डॉ. रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ राज्य का राष्ट्रीय स्तर पर नाम रोशन करने वाले उक्त टीम द्वारा कृषि क्षेत्र में किये गए इस नवाचार के बारे में पीएम मोदी से परिचय कराया।

पीएम मोदी के सवाल के जवाब देते हुए कृषक मित्र दीनदयाल यादव ने बताया कि उनकी टीम विगत नवंबर 2017 से ही के केले के अवशेष से कपड़ा बनाने का तकनीक विकसित किया। दस माह के दौरान 17 नग जैकेट 2 नग शाल 2 नग गमछा कृषि मेला में विक्रय कर चुके हैं। इंदिरा गांधी कृषि विद्यालय व अनुसंधान केंद्र जांजगीर द्वारा केले के तने से रेशे निकालने वाली रेशपेडर मशीन हाल ही में उपलब्ध कराई गई है।
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कृषक यादव ने बताया कि केले के कपड़े की मांग कैनेडा, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया तथा अमेरिका आदि देशों से मिल रही हैं। वहीं कृषि अवशेष को खेत में जलाने के बजाय उससे मशरुम उत्पादन और ट्राइकोडर्मा युक्त खाद बनाकर कृषि विभाग कृषि विज्ञान केंद्र तथा वन विभाग के सहयोग से अच्छा आमदनी होने और प्रदेश में यहां कृषि विभाग द्वारा नरेगा के तहत 12 मशरुम उत्पादक समूह को शेड बनवाकर किसानों को खेती में आय दोगुनी करने में प्रशासन का महत्वपूर्ण भूमिका होने की जानकारी दी गई।

केला कपड़ा के जैकेट को पहनकर पीएम मोदी ने किसान सम्मेलन को किया संबोधित
पीएम मोदी जैसे ही मंच पर पहुंचे तो उनका सबसे पहले स्वागत प्रशासन की ओर से कृषि विभाग से संबद्ध जाज्वल्य देव कृषक आत्मा समिति बहेराडीह के 15 सदस्यीय केला अनुसन्धान टीम के सचिव कोसमंदा गांव की प्रगतिशिल महिला कृषक रेवती यादव ने केले के रेशे से तैयार जैकेट को भेंट किया। जिसे पहनकर पीएम मोदी ने किसानों की विशाल सभा को संबोधित करते हुए कहा कि यहां के किसानों ने अब वेस्ट चीजों से भी अच्छी वस्तुएं बनाई जाने लगी है। उन्होंने केले के रेशे से बने जैकेट का उदाहरण देते हुए कहा कि इस जिले में किसानों ने भी वेस्ट चीजों की उपयोगिता समझ ली है। केले के वेस्ट होने वाला तथा जिसे फेंक दिया जाता है। उसे यहां के किसानों ने रेशा निकालकर जैकेट बना रहे हैं। ऐसे ही तरीकों से किसानों की आय बढ़ती है।।

केंद्रीय मंत्री व मुख्य सचिव ने भी किया तारीफ
पीएम मोदी के पहुंचने से पहले केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और छत्तीसगढ़ राज्य के मुख्य सचिव अजय सिंह ने स्टॉल में मसरूम की पैदावार तथा केले के रेशे से कपड़ा बनाने की तकनीक के बारे में कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक केडी महंत समेत कृषक मित्र दीनदयाल यादव तथा गीता यादव ने जानकारी दी। इस दौरान केंद्रीय मंत्री गडकरी और छत्तीसगढ़ राज्य के मुख्य सचिव अजय सिंह ने कृषि विज्ञान केंद्र के गोद ग्राम बहेराडीह के 15 सदस्यीय केला अनुसन्धान टीम के कार्यों की तारीफ की और इसे एक बड़े व्यापार के रूप में विकसित करने की सलाह दी।