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शादी का झांसा देकर नाबालिग को भगाया और किया दुष्कर्म, आरोपी को 10 साल की कैद

मामला सालभर पूर्व जांजगीर थाने का

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मामला सालभर पूर्व जांजगीर थाने का

मामला सालभर पूर्व जांजगीर थाने का

जांजगीर-चांपा. पहले मेलजोल बढ़ाने के बाद शादी का झांसा दिया और बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाकर दुष्कर्म करने वाले आरोपी को विशेष न्यायाधीश जांजगीर ने १० साल कैद की सजा सुनाई है। मामला सालभर पूर्व जांजगीर थाने का है।


अभियोजन से मिली जानकारी के अनुसार घुठिया निवासी कमलजीत कंवर पेशे से ड्राइवरी का काम करता था और ग्राम में कुदरी में नाबालिग के घर उसका आना-जाना था। इसके बाद आरोपी कमलजीत नाबालिग की सहेली के मोबाइल से उससे बात करने लगा और धीरे-धीरे दोनों के बीच प्रेम संबंध हो गया। शादी करने की बात कहकर नाबालिग ने शारीरिक संबंध बना लिया। इसके बाद ३ अप्रैल २०१७ को आरोपी ने भागकर शादी करने का झांसा दिया और उसे भगाकर अपने गांव कुरदा ले गया।

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फिर कुरदा से हाइवा में बिठाकर चांपा बस स्टैंड पहुंचा और वहां से बस में बैठकर कोरबा ले गया। जहां आरोपी ने नाबालिग को अपने दोस्त के घर में तीन दिनों तक रखा। इस बीच आरोपी के पिता भुरू दोनों के कोरबा में रहने की खबर लगी तो वह दोनों को घर ले गया और नाबालिग पीडि़ता को घर से निकाल दिया। ८ अप्रैल को शाम करीब ७ बजे नाबालिग अपने घर पहुंची और सारी जानकारी अपने मां को दी।

जिस पर परिजन ने घटना की रिपोर्ट जांजगीर थाने में दर्ज कराई। पुलिस ने अपराध दर्ज कर अभियोग पत्र न्यायालय में दर्ज किया। मामले की सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश (एक्ट्रोसिटी) जांजगीर नीता यादव ने सभी पक्षों और गवाहों के बयान उपरांत पाया कि आरोपी द्वारा नाबालिग को बिना किसी संरक्षक की सहमति से व्यपहरण कर शादी का प्रलोभन दिया गया।

दोष सिद्ध पाए जाने पर न्यायाधीश ने आरोपी कमलजीत सिंह उम्र २३ वर्ष पिता सुख सिंह उर्फ भुरू कंवर को भादवि की धारा ३६३ के तहत तीन वर्ष का सश्रम कारावास, ५०० रुपए का अर्थदंड, धारा ३६६ के तहत ५ वर्ष का सश्रम कारावास, १००० रुपए का अर्थदंड और धारा ३७६ के तहत १० साल का सश्रम कारावास व ५०० रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई। साथ ही पाक्सो एक्ट की धारा ४ के तहत ७ वर्ष के सश्रम कारावास एवं ५०० रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड नहीं पटाने पर क्रमश: एक माह, ६ माह, ६ माह और १ माह के अतिरिक्त सजा भुगताए जाने का आदेश दिया। प्रकरण में अभियोजन की ओर से लोक अभियोजक संतोष कुमार गुप्ता ने पैरवी की।