
रिटायरमेंट के डेढ़ माह पहले हटाए गए सहकारी बैंक के नोडल अधिकारी, जानें क्या थी वजह...
जांजगीर-चांपा. जिला सहकारी बैंक में पदस्थ नोडल अधिकारी श्रवण सिंह को रिटायरमेंट के डेढ़ महीने पहले ही हटा दिया गया है। इस संबंध में अधिकारी प्रशासनिक कार्रवाई बताकर पल्ला झाड़ रहे हैं, तो वहीं सूत्र बताते हैं कि नोडल अधिकारी को सहकारिता पंजीयक के आदेश पर हटाया गया है। हमेशा विवादों में रहने वाले नोडल अधिकारी के खिलाफ पंजीयक व शासन स्तर पर शिकायतों का ढेर है।
केंद्रीय सहकारी बैंक बिलासपुर द्वारा जिले के लिए पदस्थ किए गए नोडल अधिकारी पर हमेशा विवादों का साया मंडराते रहा है। इसकी बानगी उनके रिटायरमेंट से डेढ़ माह पहले नोडल अधिकारी से हटाकर बिलासपुर पदस्थ करने पर देखने को मिल रही है, जिसमें उनके खिलाफ हुए शिकायतों को कारण माना जा रहा है। जिले में नोडल अधिकारी बतौर सहायक मुख्य पर्यवेक्षक श्रवण सिंह विगत चार वर्षों से पदस्थ रहे हैं।
बताया जा रहा है कि नोडल अधिकारी सिंह का रिटायरमेंट ३१ जुलाई को होना है, लेकिन इसी बीच २२ जून को सहकारी बैंक के सीईओ द्वारा पद से हटाते हुए बिलासपुर पर्यवेक्षक कक्ष में पदस्थ किया गया है। इस संबंध में पूछने पर अधिकारी बताते हैं कि यह स्थानांतरण प्रशासनिक तौर पर किया गया है, लेकिन रिटायरमेंट में चंद दिन पहले यह आदेश जारी होने से साफ है कि कहीं न कहीं यह नोडल अधिकारी के गलत कार्यशैली का फल है। आदेश में लिखा गया है कि सहकारिता पंजीयक रायपुर के आदेश पर यह कार्रवाई की गई है। इस आदेश के बाद सहकारी विभाग में श्रवण सिंह के पूरे परिवार का जो वर्चस्व भी हिल गया है। अब उनके परिवार के उन सदस्यों की नींद भी उड़ गई है जो कि उनकी शह पर गलत कार्य कर अपनी जेबें भरते आ रहे थेे।
अब तक नहीं दी ज्वाइनिंग
सहकारी बैंक के सीईओ जारी आदेश में कहा गया है कि आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा और नोडल अधिकारी श्रवण सिंह को बिना स्थानांतरण अवकाश के तत्काल बिलासपुर में कार्यभार ग्रहण करने कहा गया है, लेकिन नोडल अधिकारी द्वारा इस आदेश का पालन नहीं किया गया है। सूत्र यहां तक बताते हैं कि श्रवण सिंह ने नोडल अधिकारी का प्रभार तो दे दिया है, लेकिन जांजगीर से कार्यमुक्त ही नहीं हुए हैं। इस तरह उनका बिलासपुर में कार्यभार ग्रहण करना संभव ही नहीं है।
चंद्राकर को बनाया गया नोडल अधिकारी
सहकारी बैंक के नोडल अधिकारी कार्यालय में पदस्थ शाखा प्रबंधक स्तर के अधिकारी सुशील चंद्राकर को जिले का नया नोडल अधिकारी बनाया गया है। कार्यभार ग्रहण करने के संबंध में पूछने पर चंद्राकर ने बताया कि उनको कार्यभार मिल गया है, लेकिन पूर्व नोडल अधिकारी श्रवण सिंह के रिलीव होने के संबंध में पूछने पर अनभिज्ञता जाहिर किया है।
शिकायतों पर बुरे फंसे श्रवण सिंह
नोडल अधिकारी श्रवण सिंह को हटाने के संबंध में सूत्र बताते हैं कि उनके खिलाफ राज्य शासन में मंत्री व अधिकारियों तक लगातार शिकायतें पहुंचती रही है। ज्यादातर शिकायतें सहकारी समितियों में हुई नियुक्तियों को लेकर हैं, जिसमें उन पर अपने रिश्तेदारों को अपात्र होने के बाद भी भर्ती कराने का आरोप लगा है, या फिर रकम का लेनेदेन का आरोप भी लगा है। वहीं समितियों को समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के एवज में दिए जाने वाले कमीशन की राशि या शासन स्तर से मिलने वाले अन्य सहयोग की राशि वितरण पर भी गड़बड़ी का आरोप लगा है।
इतना ही नहीं उन पर अपने परिवार के सदस्यों के नाम जमीन नहीं होने के बाद भी उनसे समर्थन मूल्य पर धान खरीदी करने व सहकारी बैंक की योजनाओं का लाभ दिलाने का भी आरोप लगा है। आरोप जो भी हो, शिकायत तो हुआ है, जिस पर कार्रवाई हो रही है। इस संबंध में विभागीय सूत्र का कहना है कि रिटायरमेंट के ठीक पहले इस तरह की कार्रवाई होने से विपरीत असर पड़ सकता है। वहीं श्रवण सिंह पर जूनियर होने के बाद भी राजनीतिक प्रभाव के चलते नोडल अधिकारी के पद पर नियमों के विपरीत बैठने का आरोप भी लगा है।
-प्रशासनिक कारणों से जांजगीर के नोडल अधिकारी श्रवण सिंह को बिलासपुर कार्यालय में पदस्थ किया गया है।
अभिषेक तिवारी, सीईओ सहकारी बैंक बिलासपुर
Published on:
05 Jul 2018 01:20 pm
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