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यहां सड़कों पर बने गड्ढों का दोगुना विकास, पहले पांच फिट था फैलाव अब हो गया 10

इससे इस मार्ग पर चलने से लोग दुर्घटनाग्रस्त हो रहे

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इससे इस मार्ग पर चलने से लोग दुर्घटनाग्रस्त हो रहे

इससे इस मार्ग पर चलने से लोग दुर्घटनाग्रस्त हो रहे

जांजगीर-चांपा. जिला मुख्यालय की बदहाल सड़क के गड्ढों को पाटने के लिए विभाग ने गिट्टी भर दिया। यही गिट्टी अब सड़क में बिखर गई है। इससे इस मार्ग पर चलने से लोग दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। हालत यह है कि लोग रूट बदल कर जाने को मजबूर हैं।
जिला मुख्यालय की सड़क दिन ब दिन बदतर होते जा रही है।

जिस सड़क के परखच्चे उड़कर 5 फिट के गड्ढे हुए थे अब वही गड्ढे 10 फिट के होते जा रहे हैं। लेकिन जिला मुख्यालय के लोगों को कोई सरोकार नहीं है। सड़क के परखच्चे उड़ते देख एनएच के अफसरों ने गिट्टी को पाट दिया, लेकिन यही गिट्टी पूरे सड़क में बिखर गई है। लोगों के बीच यही सड़क और जानलेवा साबित हो रही है।

जब शहर के हृदय स्थल की रोड खराब होने पर उसकी मरम्मत नहीं हो रही तो फिर अन्य मार्गों का क्या हाल होगा। क्योंकि इस मार्ग से सांसद विधायक, कलेक्टर कमिश्नर जैसे लोग आवागमन करते हैं। बदहाल सड़कों की हालत तो केवल छोटे वाहन चालकों को पता होती है। कुछ इसी तरह की परेशानियों ने शहर से गुजरने वाले लोगों का जीना ***** कर दिया है।

क्योंकि कचहरी चौक से नेताजी चौक व कचहरी चौक से विवेकानंद मार्ग की सड़क के परखच्चे उड़ गए हंै। ऐसी सड़कों में आवागमन करना मुश्किलों भरा हो चुका है। कचहरी चौक से नेताजी चौक की सड़क की एक ओर की सड़क में तकरीबन 20 बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। जिसमें बारिश का पानी भरा होता है। इसे पार करना जान जोखिम में डालने जैसा महसूस होता है। बारिश का पानी सूखते ही सड़क में धूल का गुबार उठता है। जो स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डालता है।

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नेता अधिकारी सब शांत
जिला मुख्यालय की सड़क की दुर्दशा से किसी को सरोकार नहीं है। सत्ताधारी नेता शांत बैठे हैं क्योंकि वे खुद की सत्ता के बदहाल स्थिति को लेकर आवाज कैसे उठा सकते हैं। वहीं विपक्ष को केवल अपने अपने उद्देश्यों की पूर्ति वाले मामले में धरना प्रदशर्न व अन्य कार्यक्रम करना होता है। वहीं सार्वजनिक समस्याओं से उन्हें कोई सरोकार नहीं रहता। सड़क की इतनी भयावह समस्या है जिसे लेकर कोई भी वर्ग संजीदा नहीं है। इसके चलते शहरवासी परेशान हैं।