
जांजगीर-चांपा. जिले में अवैध शराब की बिक्री पर नकेल कसते हुए आबकारी टीम ने प्रदेश में प्रथम स्थान बनाया है। वित्तीय वर्ष २०१७-१८ में जिले में सर्वाधिक १३४७ प्रकरण दर्ज किए गए हैं। दूसरे क्रम में रायगढ़ व तीसरे क्रम में राजनांदगांव की आबकारी टीम रही है। वहीं ६० प्रकरण दर्ज कर अवैध शराब तस्करों को जेल भेजने में टीम कामयाब रही है। बेहतर काम के लिए प्रदेश के चीफ सेक्रेटरी ने विडियोकांफ्रेंसिंग के जरिए सहायक आयुक्त आबकारी प्रकाश पाल को बधाई प्रेसित की है।
प्रदेश में शराब बिक्री में ठेका पद्धति बंद होने के बाद गांव -गांव में अवैध कच्ची महुआ शराब की बाढ़ आ गई थी। जिस पर नकेल कसने जिला आबकारी विभाग की टीम ने बेहतर काम किया है। जिसके चलते पदेश के सूचना पटल पर जांजगीर का नाम सुमार हो गया है।
जांजगीर चांपा जिले के उडऩदस्ता टीम पीएल नायक की उडऩदस्ता टीम ने एक साल के भीतर १३४७ प्रकरण दर्ज कर जिले का नाम रोशन किया है। इसी तरह जिले के १९ थानों की पुलिस ने साल भर में १५१६ प्रकरण बनाए हैं। आबकारी व पुलिस ने साल भर में आबकारी के २८६३ प्रकरण बनाए हैं।
गौरतलब है कि गांवों में अवैध शराब बिक्री रोकने सरकार ने कड़े कदम उठाए थे। ताकि सरकार का राजस्व का नुकसान न हो और शराब की बिक्री सरकारी दुकानों से ही हो। जिसे देखते हुए आबकारी विभाग की टीम ने कमर कसकर गांव गांव में अवैध शराब की बिक्री रोकने के लिए बीड़ा उठाया था। यही वजह है कि साल के ३६५ दिनों में हर दूसरे तीसरे दिन आबकारी के प्रकरण दर्ज कर रिकार्ड कायम किया है।
60 को भेजा जेल
आबकारी उडऩदस्ता टीम पीएल नायक ने बताया कि उन्होंने साल में ६० ऐसे प्रकरण बनाए हैं जिसमें अवैध शराब विक्रेताओं को जेल भेजने में कामयाबी मिली है। जिसमें पिपरदा के सुखसागर सहित अन्य ६० आरोपी जेल दाखिल हुए हैं। सुखसागर को दो साल की सजा और २५ हजार का जुर्माना भी हुआ है। आबकारी विभाग की टीम ने सुखसागर के कब्जे से ५६ पेटी यानी ५०४ पाव अवैध शराब जब्त
किया था।
- जिले में आबकारी अधिनियम के सबसे अधिक प्रकरण दर्ज हुए हैं। जिले के उडऩदस्ता टीम ने बेहतर काम कर प्रदेश में नाम रोशन किया है। जिसके लिए चीफ सेक्रेटरी ने प्रसन्नता व्यक्त की है -प्रकाश पाल, प्रभारी यहायक आयुक्त आबकारी
Published on:
07 Apr 2018 02:56 pm
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