
रायगढ़. एक पिकप वाहन के चालक ने खुद ही हजारों रुपयों को हड़प लिया और पुलिस के समक्ष मनगढं़त कहानी सुनाते हुए कहा कि मेरे साथ लूट हुई है। लूट की घटना सुनते ही पुलिस सक्रिय हो गई और इस मामले में गंभीरता से लेते हुए लुटेरों को पकडऩे तीन दिनों तक दिन-रात एक कर दिया।
आखिरकार पुलिस को पिकप चालक पर शक हुआ और पुलिस ने सख्ती दिखाई तो आरोपी पिघल गया। आरोपी ने पुलिस से कहा कि लालच में आकर उसने खुद ही पैसों को हड़प लिया और थाने में झूठा केस दर्ज कराया। घटना धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र की है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार रायगढ़ जूटमिल के पीछे रहने वाला सत्यवादी बाग पिता शिवचरण बाग 31 वर्ष रायगढ़ के सुधीर मोदी का पिकप क्रमांक सीजी 13 यूजे 0556 को दो साल से चला रहा है। 03 अप्रैल को सत्यवादी सांगीतराई स्थित रमेश अग्रवाल के गोदाम से 32 नग कूलर लेकर पत्थलगांव के अशोक इलेक्ट्रानिक दुकान डिलीवरी करने आया था। इसके बाद अशोक इलेक्ट्रानिक के मालिक ने रमेश अग्रवाल से फोन पर बात कर चालक सत्यवादी को 75,600 रुपए दिया था। जिसे लेकर वह रायगढ़ आ रहा था। रास्ते में चालक सत्यवादी की नीयत बिगड़ी और उसने मनगढ़त कहानी बनाया।
थाने में आकर बोला कि मुझे लूट लिया है
03 अप्रैल को ही सत्यवादी धरमजयगढ़ थाने पहुंचा और पुलिस के समक्ष कहा कि जब वह रुपए लेकर रायगढ़ आ रहा था तो गेरसाघाटी के पास दो बाइक में तीन व्यक्ति आए और ओवरटेक कर पिकप के सामने शीशे को पत्थर से मारा। जब सत्यवादी ने वाहन रोका तो तीनों ने जान से मारने की धमकी देते हुए पत्थलगांव से लेकर आ रहे रुपए को डरा धमका कर लूट लिया। लूट की घटना सुन पुलिस सकते में आ गई और आरोपियों के खिलाफ लूट का अपराध दर्ज कर विवेचना में लग गई।
तीन दिन तक पुलिस हुई परेशान
एसडीओपी नेहा वर्मा के नेतृत्व में धरमजयगढ़ पुलिस आरोपी को पकडऩे के हर संभव प्रयास करने लगी। साथ ही सरहदी थाना क्षेत्रों में सूचना देते हुए नाकाबंदी भी किया गया। इसके अलावा पुलिस सत्यवादी के बताए अनुसार पत्थलगांव, लैलूंगा व आसपास के क्षेत्र में आरोपियों की खाक छानती रही। साथ ही उक्त इलाकों के दुकान, प्रतिष्ठान, बैंक इत्यादि स्थानों पर लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगालती रही।
फुटेज में सिर्फ सत्यवादी ही दिख रहा था, उस प्रकार के कोई बाइक सवार या ऐसा कोई क्लू नहीं मिल रहा था, जिससे यह लगे कि सही में लूट की घटना हुई है। वहीं प्रार्थी के बयान में भी विरोधाभास नजर आने लगा। ऐसे में पुलिस को प्रार्थी पर ही शक होने लगा। ०६ अप्रैल की सुबह पुलिस ने प्रार्थी को थाने बुलाकर जब सख्ती से पूछताछ किया तो आरोपी पिघल गया और अपना जुर्म कुबुल कर लिया।
Published on:
07 Apr 2018 01:42 pm
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