रेत की कीमतों में आई बड़ी गिरावट, रायगढ़ की 5 खदानें शुरू, जानें अब क्या है नया रेट?
Sand Price Drop: करीब दो साल से रेत की किल्लत और मनमाने दामों से परेशान लोगों को अब राहत मिलने लगी है। जिले की 5 रेत खदानों में उत्खनन शुरू होने के बाद ट्रैक्टर रेत की कीमत 3000 रुपए से घटकर 1200 से 1500 रुपए तक पहुंच गई है।
Raigarh Sand Mine: करीब दो वर्ष बाद रेत खदान की समस्या समाप्त हुई, अब जाकर रायगढ़ जिले के 5 रेत खदान का भू-प्रवेश अनुमति जारी हुआ है जिसमें उत्खनन भी शुरू हो चुकी है। उक्त खदानों के शुरू होने से अब जिले में रेत की समस्या से लोगों को राहत तो मिलेगी ही दर में भी कमी आएगी।
विदित हो कि एक वर्ष पूरा रेत खदान नीलामी की नीति के आभाव में शुरू नहीं हो पाया। नई नीति आने के बाद जैसे तैसे रेत खदान के ई-नीलामी की प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन नीलामी के बाद यह अधर में लटक गई। एक खदान उसरौट जैसे तैसे शुरू हो पाई तो पहले खामियों के कारण और बाद में मानसून के प्रतिबंध के कारण बंद हो गई। कुलमिलाकर दो वर्ष तक जिले में अवैध रेत मनमाने दरों पर खपता रहा। अब इस समस्या से राहत मिलेगी। इसके पीछे कारण यह है कि जिले के 5 रेत खदान को कागजों में भू-प्रवेश की अनुमति जारी करने के साथ ही साथ भौतिक रूप से भी भू-प्रवेश करा दिया गया है।
उक्त खदानों में रॉयल्टी कटना शुरू हो गया है। रेत की समस्या से लोगों को अब राहत मिलने लगी है। इतना ही नहीं 5 रेत खदानों में भू-प्रवेश की अनुमति के साथ ही साथ 5 और खदान बायसी, औराभांठा सहित ३ अन्य कतार में है जिसमें दीपावली के तत्काल के बाद भू-प्रवेश की अनुमति जारी हो जाएगी।
जिन 5 रेत खदानों में वैध तरीके से उत्खनन शुरू हो चुका है उसमें लेबड़ा, बरभौना, जवलपुर, सहसपुरी, और उसरौट रेत खदान शामिल है। हालांकि इसमें उसरौट पहले से शुरू हो चुका है, लेकिन विवाद के कारण बंद पड़ा हुआ था।
बाजार दर में भी अंतर
इन रेत खदानों के शुरू होने के पूर्व प्रति ट्रैक्टर रेत का दाम 2500-3000 रुपए तक पहुंच गया था जो कि अब फिर से 1200-1500 रुपए हो गया है।
रमाकांत सोनी, जिला खनिज अधिकारी रागयढ़ के मुताबिक, 5 रेत खदानों में भू-प्रवेश की अनुमति जारी कर दी गई है। ५ का और होना है जिसमें बैंक गारंटी व पंजीयन की कार्रवाई करीब पूरी हो गई है। दीपावली के बाद यह घाट भी चालू हो जाएंगे।