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इस बार मतदाताओं की घटत-बढ़त पर टिकी है वोटिंग मीटर की सुई

नगर पंचायत खरौद का बूथ

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नगर पंचायत खरौद का बूथ

नगर पंचायत खरौद का बूथ

जांजगीर-चांपा. जांजगीर चांपा जिले का पामगढ़ विधान सभा क्षेत्र जहां से भाजपा के संसदीय सचिव अंबेश जांगड़े विधायक हैं। इस विधान सभा के अंतर्गत आने वाला नगर पंचायत खरौद का बूथ। यह प्रसिद्ध लक्ष्मणेश्वर मंदिर स्थापित होने से इसे काशी के नाम से जाना जाता है। यहां की सबसे बड़ी पहचान और सबसे बड़ी मांग भी शायद यही है। यह नगर पंचायत व्यापार के मामले में शिवरीनारायण पर ही आश्रित है।


पिछले विधानसभा चुनाव की नजर से देखा जाए तो यह वहीं बूथ है, जहां से भाजपा विधायक अंबेश जांगड़े को सबसे अधिक 1785 वोट मिले थे। यहां के लोग प्रत्याशी को देख कर वोट देते हैं, लेकिन शायद उनका पिछली बार चुना प्रत्याशी उनकी उम्मीदों पर खरा ही नहीं उतरा। पिछले पांच सालों में यहां शायद विकास के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई है।

नगर पंचायत में घुसते ही कचरे से अटे मदानों ने इसकी सच्चाई को उजागर कर दिया। आगे बढऩे पर लोगों के घरों का गांदा पानी कचरे से बजबजाती हुई नाली से निकलकर सड़कों में फैल रहा था। बिजली पानी की सुविधा न होने से लोगों का दिन बाहर पेड़ की छांव में बीतता हुआ दिखा।

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यहां के लोगों ने जो सच्चाई बताई वह चौकाने वाली थी। उनका कहना है कि चुनाव जीतने के बाद विधायक कब नगर पंचायत आए उन्हें पता ही नहीं है। पीपल के पेड़ के नीचे एक बूढ़ी मजबूत हड्डी के ढांचे वाले रामपाल ने बताया कि खरौद काशी के नाम प्रसिद्ध है, यहां प्रसिद्ध लक्ष्मणेश्वर मंदिर के जीर्णोद्धार की मांग कोई सुनने वाला नहीं है। यहां खुलेआम कच्ची शराब बिकती है। अन्य लोगों से बात की तो उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधा के लिए शिवरीनारायण ही उनके लिए एक मात्र विकल्प है।

कुछ इसी तरह का गाल ससहा ग्राम पंचायत का भी दिखा। यहां कांग्रेस के प्रत्याशी के सबसे अधिक वोट मिले थे। यहां गड्ढों से अटी सड़कों से ऐसा लगा कि गांव तक पहुंच भी पाएंगे या नहीं। यहां वृद्धा पेंशन, निराश्रित पेंशन, बिजली, स्वास्थ्य सहित कई समस्याएं हैं। कांग्रेसी नेताओं को कुछ बताते भी हैं तो वह सत्ता में आने के बाद गांव को जन्नत बनाने का दावा करके चले जाते हैं।