
जांजगीर-चांपा. मनुष्य को स्वस्थ रहने के लिए विषरहित और अच्छा भोजन चाहिए। जिसे अन्नदाता किसान ही धरती पर पैदा कर सकता है। मगर इस समय किसान अत्यधिक फसल पैदावार लेने के उद्देश्य से धरती पर रसायनिक खाद की अंधाधुंध इस्तेमाल कर रहे हैं। जिसका दुष्प्रभाव मानव स्वास्थ्य व पर्यावरण पर पडऩे लगा है। वहीं मिट्टी की उर्वरा शक्ति धीरे-धीरे कम हो रही है। इसलिए किसानों को खाद का इस्तेमाल संतुलित मात्रा में करना चाहिए।
उक्त बातें बालौदा ब्लाक अंतर्गत ग्राम कोसमंदा में आयोजित एसबीआई ग्रामीण स्व रोजगार संस्थान जांजगीर के तत्वाधान में 15 फरवरी से 25 फरवरी तक आयोजित दस दिवसीय सब्जी की खेती प्रशिक्षण के शुभारंभ अवसर पर संस्थान के मैनेजर विजय कुमार पंकज ने व्यक्त किया। कार्यकम की शुरुआत सरस्वती मां के तैल्य चित्र पर द्वीप प्रज्वलित कर किया। प्रशिक्षक दीनदयाल यादव ने बताया कि मिट्टी ही खेती का मूल आधार है। इसलिए इसका उपचार जरूरी है। इसके लिए ट्राईकोडर्मा जैव फफूंद की जरूरत पड़ती हैं, जो मिट्टी में विद्यमान हानिकारक फफूंद सरन गलन जैसी बीमारी को नष्ट कर मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बढ़ाती हैं।
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उन्होंने बताया कि पौधे को 16 प्रकार की पोषक तत्वों की जरूरत पड़ती है। इसी तरह किसान को खाद, बीज और दवा की जरूरत पड़ती है, जो कि वह किसान के पास ही आसानी से उपलब्ध है। किसान प्राकृतिक संसाधन का सदुपयोग कर कम लागत में जैविक खेती कर सकता है। प्रशिक्षण में घर के छत पर बागवानी की खेती के अनुभव चम्पा की महिला कृषक सीता देवांगन ने की ग्राफ्टिंग करना कम लागत में उन्नत खेती घर की छत पर बागवानी सब्जी की खेती करने की जानकारी दी। वहीं कृषि विभाग के डी एल साहू ने किचन गार्डन सब्जी फल-फूल औषधीय फसल दलहन, तिलहन तथा कृषि के छेत्र में शासन द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण में कृषि विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक खेमादास महंत किसानों को मिट्टी के महत्व के बारे में बताते हुए समन्वित खेती अपनाकर खेती में दोगुनी आमदनी प्राप्त कर आर्थिक उन्नति करने की सलाह दी। कृषि वैज्ञानिक चंद्र शेखर खरे ने बीज पंजीकरण कराने की प्रक्रिया बताते हुए कहा कि बीज उत्पादन करके किसान अधिक लाभ लें सकते हैं।
पीथमपुर के कृषक राधे श्याम चौहान और उदेबंड के किसान भागवत केंवट ने कृषि के छेत्र में अपना अनुभव व्यक्त किया। अंत मे ग्रामीण प्रशिक्षण संस्थान के ट्रेनर अरुण पांडेय संतोष शुक्ला, जितेन्द्र कुमार यादव ने कार्यक्रम में प्रकाश डाला। कार्यक्रम में कृषक मित्र राजेश कुमार यादव, शोभा राम यादव, जगेस्वर कश्यप, गीता यादव, रेवती यादव, बेडिन बाई, निर्मला, संतोसी, कांति, ड्रोपती, बबीता, पिंकी साहू, संतोष यादव, विजय यादव समेत 50 कृषक शामिल रहे।
Published on:
06 Mar 2018 08:40 pm
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