
पत्रिका टॉपिक ऑफ द डे
जांजगीर-चांपा. पत्रिका डॉट काम द्वारा आयोजित टॉपिक ऑफ द डे में किसान नेता संदीन तिवारी शामिल हुए। उनका मानना रहा कि किसानों के लिए सरकार काम तो कर रही है, लेकिन कहीं न कहीं कुछ ऐसा हो जा रहा है, जिससे किसानों को पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। उनका यह भी मानना रहा कि पारंपरिक खेती को फिर से अपनाकर किसान वर्ष २०२२ तक समृद्ध हो सकते हैं।
किसान नेता संदीप तिवारी ने बताया कि शासन द्वारा किसानों के हित के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही है, जिसका लाभ किसानों को मिल रहा है। वहीं उन्होंने यह भी बताया कि किसान जितनी मेहनत कर रहे हैं, उसके हिसाब से मिलने वाली सहुलियत में कहीं न कहीं कमी हो जा रही है।
उन्होंने बताया कि किसान अपने संसाधनोंं का समुचित दोहन करे तो उनकी आय दो गुनी हो जाएगी। उनका मानना रहा कि किसानों के पास प्रकृति की देन बहुत है, जिसका समुचित दोहन आवश्यक है। उन्होंने बताया कि पारंपरिक खेती जिसमें सळाी गांवों में बरछा होता था और यहां किसान अपनी जरुरत की सभी चीजें उत्पादित करते रहे हैं। आज वही पारंपरिक खेती की आवश्यकता है, जहां किसान किसी पर निर्भर नहीं रहे,
जिससे उसके उत्पाद का सही मूल्य मिल सके। किसानों के लिए जो भी योजना चलाई जा रही है, उससे किसानों को लाभ तो है, लेकिन योजनाओं के क्रियान्वयन में होने वाली अफसरशाही के कारण किसान लाभ से चूक रहे हैं। उन्होंने किसानों के लिए बनी योजनाओं को सही बताते हुए कहा कि इन योजनाओं का सही क्रियान्वयन हो इस पर जनप्रतिनिधियों के साथ अधिकारियों को सजग होने की जरुरत है।
किसानों को व्यवसायिक खेती के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि वे समय की मांग के अनुसार खेती करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन बाजार से किसानों को मदद नहीं मिल रही है। इस कारण किसानों को उत्पाद का सही मूल्य नहीं मिल रहा है। इस दिशा में भी किसानों को समुचित प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की जरुरत है, जिससे किसान अपनी सालभर की कार्य योजना बनाकर खेती कर सके।
Published on:
30 Apr 2018 01:07 pm
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