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दो पहले से संचालित है एक पावर प्लांट फिर खुल रहा ऐसे में प्रदूषण से जिला हो जाएगा बर्बाद

पावर प्लांट के विरोध में ग्रामीणों ने घेरा कलेक्टोरेट
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जांजगीर चंपा

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Shiv Singh

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Updated: 9 Jul 2018, 6:27 PM IST

पावर प्लांट के विरोध में ग्रामीणों ने घेरा कलेक्टोरेट

पावर प्लांट के विरोध में ग्रामीणों ने घेरा कलेक्टोरेट

जांजगीर-चांपा. अकलतरा क्षेत्र में लगातार खुल रहे पावर प्लांट व सीमेंट प्लांट के विरोध में आसपास के आधा दर्जन गांव के ग्रामीणों ने सोमवार को कलेक्टोरेट का घेराव कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार खुल रहे प्लांट से पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है। लोग बीमार पड़ रहे हैं और ग्रामीणों की मौत हो रही है। इस दिनों फिर क्षेत्र में न्यूवोको विस्टास कार्पोरेशन लिमिटेड नाम की केप्टिव पावर प्लांट की स्थापना की जा रही है। जिसे लेकर ग्रामीण चिंतिंत हैं। इसका विरोध करते हुए सोमवार को कलेक्टोरेट का घेराव कर दिया।


सोमवार को ग्राम पंचायत परसदा, मुलमुला, सोनसरी नरियरा समेत एक दर्जन गांव के ग्रामीण कलेक्टोरेट पहुंचे और नारेबाजी करते हुए कलेक्टर से गुहार लगाई। उनका कहना है कि इन दिनों न्यूवोको विस्टास कार्पोरेशन लिमिटेड नाम की केप्टिव पावर प्लांट की स्थापना की जा रही है। इसकी जनसुनवाई 26 मार्च 2018 को हो चुकी है। जब जनसुनवाई हुई तब कुछ ग्रामीणों को नौकरी का प्रलोभन देकर उनके पक्ष में बोलने को कहा गया।

तो ग्रामीणों ने उसके पक्ष में बोल दिया। वहीं पूरे आसपास के ग्रामीण इसका विरोध कर रहे थे, लेकिन जनसुनवाई जैसे तैसे कर हो गई। अब ग्रामीणों को इस बात की चिंता सता रही है कि क्षेत्र में पहले से दो-दो पावर प्लांट संचालित हो रहा है। इसके प्रदूषण से ग्रामीण हलाकान है। फिर क्षेत्र में एक और पावर प्लांट खुलेगा तो ग्रामीण प्रदूषण की मार से परेशान हो जाएंगे। वहीं प्लांट की वजह से क्षेत्र का जल स्तर भी लगातार घट रहा है।

इससे पानी की समस्या सामने आ रही है। न्यूवोको विस्टास कार्पोरेशन लिमिटेड को मंजूरी मिलेगी तो इसके लिए जल विस्तार नजदीकी नीलागर नदी से की जाएगी। ऐसे में जल संकट का गहराना तय माना जा रहा है। दुखद बात यह है कि वर्कर कालोनी में इसकी गंदगी व सिवरेज वाटर को नजदीकी निस्तारी नाले में प्रवाहित किया जा रहा है।

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जिसमें अधिकांश ग्रामवासियों का निस्तार होता है। इसके कारण ग्रामीणों को स्वास्थ्य संबंधित परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कंपनी प्रबंधन द्वारा आज तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। जिसे लेकर ग्रामीण परेशान हैं। सोमवार को इन सभी बातों को लेकर ग्राम पंचाय परसदा के सरपंच मथुरा बाई वर्मा,

मुलमुला के सरपंच उपेंद्र सिंह, अर्जुनी के सरपंच कविता बाई सहित सैकड़ो ग्रामीण कलेक्टोरेट पहुंचकर अपनी मांग रही और पावर प्लांट का विरोध किया। ग्रामीण कलेक्टोरेट का घेराव करते हुए लगातार एक घंटे नारेबाजी किए और कलेक्टर के सामने अपनी बात रखी।

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