23 अप्रैल 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

#topic of the day-बड़े करदाताओं को मिले वीआईपी ट्रीटमेंट

कार्यालय में मेहमान के रूप में भारतीय जीवन बीमा निगम के विकास अधिकारी

2 min read
Google source verification
कार्यालय में मेहमान के रूप में भारतीय जीवन बीमा निगम के विकास अधिकारी

कार्यालय में मेहमान के रूप में भारतीय जीवन बीमा निगम के विकास अधिकारी

जांजगीर-चांपा. पत्रिका टॉपिक ऑफ द डे में सोमवार को पत्रिका कार्यालय में मेहमान के रूप में भारतीय जीवन बीमा निगम के विकास अधिकारी और आर्थिक मामलों के जानकार अजय मिश्रा मेहमान के रूप में पहुंचे। उन्होंने बताया कि बड़े कर दाताओं को भी विधायक सांसत, मंत्री व अन्य वीआईपी वीवीआईपी की तरह विशेष सुविधाएं मिलनी चाहिए। ऐसे कर दाताओं का एक विशेष कार्ड जारी होना चाहिए, जिससे वह लोग उसका लाभ ले सके। इससे निश्चित रूप से बड़े कर दाताओं की संख्या बढ़ेगी और देश का विकास तेजी से होगा।


अजय मिश्रा ने बताया कि हमारे देश में नोट बंदी के बाद कर दाताओं की संख्या में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन आज भी कर पटाने का बसे अधिक भार सर्विस सेक्टर के लोगों पर है। उन्होंने कहा कि यद कर दाताओं की उनके देय कर के स्लैब के मुताबिक डायमंड, गोल्ड और सिलवर कार्ड जारी किया जाए उससे उन्हें अलग-अलग सुविधाएं मिलें जो सुविधाएं हमारे देश में वीआईपी और वीवीआईपी को मिलती हैं, तो निश्चित तौर पर कर दाताओं की संख्या में बढ़ोतरी होगी। उन्होंने कहा कि आज का युग स्टेटस को दिखाने का है और सरकार को इसे भुनाना होगा। उसे प्रोडक्शन के सेक्टर पर ध्यान देना होगा। जापान जैसे देश इसी व्यवस्था को लागू कर आज विकसित देशों की दौड़ में शामिल हैं।

जीएसटी के दायरे में लाना चाहिए पेट्रोल डीजल को
मिश्रा ने बताया की केंद्र और राज्य सरकार को बराबर टैक्स पहुंचे और करदाता को अलग अलग कर न देकर एक बार कर देना पड़े इसी सोच को लेकर केंद्र सरकार ने जीएसटी प्रथा को लागू किया है यह एक बहुत ही अच्छी स्कीम है इससे देश का विकास होगा लेकिन इसके दायरे में सभी उत्पाद की वस्तुओं को लाना होना होगा सरकार को पेट्रोल डीजल को भी जीएसटी के दायरे में लाना चाहिए इससे ना सिर्फ आर्थिक रुप से कमजोर बल्कि हर वर्ग के लोगों का पूरा विकास होगा।