CG Dhan News: जांजगीर-चांपा जिले के खरीफ फसल में लिए अरबों के धान संग्रहण केंद्र में भगवान भरोसे पड़ा हुआ है। कैप कवर फटने की वजह से कहीं धान सड़ चुके हैं तो कहीं अंकुरित होने लगा है।
CG Dhan News: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के खरीफ फसल में लिए अरबों के धान संग्रहण केंद्र में भगवान भरोसे पड़ा हुआ है। कैप कवर फटने की वजह से कहीं धान सड़ चुके हैं तो कहीं अंकुरित होने लगा है। इन दिनों लगातार हो रही बारिश से संग्रहण केंद्र का हाल और बदहाल है। संग्रहण केंद्र चौतरफा कीचड़ से सरोबार है। कीचड़ होने से ट्रक फंस रहे हैं। जिसे बाहर निकालने के लिए क्रेंन की जरूरत पड़ रही है।
गौरतलब है कि, इस बार जिले में बंपर धान की आवक हुई थी। सरकार ने धान की खरीदी होते ही उपार्जन केंद्र से उठाव की व्यवस्था की थी। शेष धान के रख रखाव के लिए जिले में दो संग्रहण केंद्र में व्यवस्था की है। पहला अमरताल तो वहीं दूसरा शासकीय ग्राउंड में। इन दोनों केंद्रों में 10 लाख 39 हजार क्विंटल धान रखा गया है।
विडंबना यह है कि धान को यहां रखने के बाद विभागीय अफसरों ने पलटकर नहीं देखा। इसके चलते कई स्टैक में धान सड़ रहा है। जबकि अभी बारिश के दिन नहीं आए हैं। जब बारिश होगी तो यहां की क्या स्थिति होगी अंदाजा लगाया जा सकता है।
संग्रहण केंद्र में धान बारिश के पानी से सड़ रहा है?
धान को सुरक्षित रखने पर्याप्त कैप कवर की सुविधा है।
त्नअधिकतर स्टैक में कैप कवर फट चुका है, इससे पानी अंदर जा रहा है?
संग्रहण केंद्र प्रभारी की जिम्मेदारी है कि वह धान को सुरक्षित रखे।
अभी बारिश के दिन भी नहीं आए हैं, जब बरसात आएगी तो क्या हाल होगा?
संग्रहण केंद्र प्रभारी के अलावा मिलर्स की जिम्मेदारी है कि वे धान को सुरक्षित रखे।
धान के उठाव की स्थिति भी संतोषप्रद नहीं है?
धान के उठाव के लिए हम दूसरे क्रम पर हैं।
सड़े हुए करोड़ों के धान की भरपाई आखिर कैसे की जाएगी?
मिलर्स को कुछ प्रतिशत छूट का प्रावधान है, इससे भरपाई हो जाएगी।