
महिलाएं अब इस तरह से बढ़ा सकतीं हैं आय, ट्रेनिंग के लिए ये दस्तावेज जरूरी
जांजगीर चाम्पा. जिले में मछली पालकों की संख्या देखी जाए तो बहुत ही कम है। वहीं यहां के गिने चुने ही तालाबों में मछली पालन हो रहा है। बाकी अधिकतर तालाब चाहे निजी हो या फिर शासकीय जो बेकार पडे हैं। जिले में मछली पालन (Fisheries) के कारोबार को बढ़ावा देने के उद्देश्य को लेकर पांच किसानों ने उड़ीसा स्थित मीठा पानी जल कृषि में स्वास्थ्य व पर्यावरण प्रबंधन पर आधारित कौशिल्या नगर भुवनेश्वर सिफा में आयोजित राष्ट्रीय स्तर के पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल हुए। जहां मछली पालन (Fisheries) की उन्नत तकनीक बायोफ्लाक में आसानी से मछली की बच्चे तैयार करने के अलावा उनमें होने वाले सभी तरह के बीमारियों की पहचान, नियंत्रण के उपाय, मछली पालन में सावधानी, मछली के किस्म तथा इसे खिलाने के लिए आहार बनाने और मछली को हार्मोनल इंजेक्शन लगाने की तकनीक से अवगत कराया गया।
जिले के बलोदा ब्लाक के ग्राम बहेराडीह के कृषक संगवारी व कृषि विज्ञान केंद्र के ई फार्मर दीनदयाल यादव ने बताया कि कृषि अनुसंधान परिषद केंद्रीय मीठा जल जीव पालन अनुसंधान संस्थान कोशिलया नगर भुवनेश्वर ओडिसा में 19 नवम्बर से 23 नवम्बर तक राष्ट्रीय स्तर पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें जिले के पामगढ़ ब्लाक के शिवनाथ लहरे समेत अजय कुमार कुर्रे बलोदा ब्लाक के संतोष कुमार यादव व अन्य कुल पांच किसान शामिल हुए।
इसके अलावा देश के ओडिसा समेत छत्तीसगढ़ उत्तर प्रदेश हरियाणा वेस्ट बंगाल तमिलनाडु पांडिचेरी आंध्र प्रदेश राजस्थान महाराष्ट्र दिल्ली तेलंगाना कुल बारह राज्यों के मछली पालक किसान और विभाग के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। पाच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान वैज्ञानिकों ने बताया कि भारत का यह एक मात्र अनुसंधान केन्द्र है। जहां मछली पालन की उन्नत तकनीक से देश के सभी राज्य के मछली पालन करने वाले किसानों को मछली पालन की उन्नत तकनीक से अवगत कराया जाता है। संस्थान के निदेशक ने बताया कि यहां पर मछली की अनेक किस्म विकसित किया गया है जिसमें रोहू, कतला, मिरगल, तेलपिया और अन्य प्रजतियों की मछलियां शामिल हैं।
महिला स्व सहायता समूहों को करेंगे प्रोत्साहित
रेस्टोरेसन फाउंडेशन चांपा के अध्यक्ष जे बसवराज व सचिव दीनदयाल यादव ने बताया कि जिले के महिला स्व सहायता समूहों को मछली पालन के लिए प्रोत्साहित किए जाएंगे। इसके लिए समूह के महिलाओं को जिला प्रशासन के सहयोग से एसबीआई आरसेटी ग्रामीण स्व रोजगार प्रशिक्षण संस्थान जांजगीर में उन्नत तकनीक से मछली पालन की ट्रेनिंग दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि इसके लिए महिला स्व सहायता समूहों की महिलाएं आरसेटी जांजगीर में ट्रेनिंग के लिए अपना पंजीयन शीघ्र ही करा सकती है। यह ट्रेनिंग नि:शुल्क रखा गया है। यहां पर मछली पालन की ट्रेनिंग के लिए 18 से 45 वर्ष की आयु सीमा की महिलाएं शामिल हो सकते हैं। जो कम से कम पांचवीं कक्षा पास हो। ट्रेनिंग के लिए आधार कार्ड राशन कार्ड व पांच नग पासपोर्ट साइज की फोटो अनिवार्य रूप से जमा करना होगा। यहां पर सिर्फ ग्रामीण क्षेत्र के गरीबी रेखा के नीचे जीवयापन करने वाले परिवार के लोग ही शामिल हो सकते हैं। ट्रेनिंग पूर्ण रूप से नि:शुल्क रखा गया है।
Published on:
26 Nov 2019 11:23 am
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