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गोबर बीनकर कंडे बनाने वाली महिलाएं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से अधिक कमा लेतीं हैं

गोबर बीनकर कंडे बेचकर जीवन यापन करने वाली महिलाएं हमसे अधिक पैसा कमा लेतीं हैं।

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anganwadi workers in janjgir

गोबर बीनकर कंडे बेचकर जीवन यापन करने वाली महिलाएं हमसे अधिक पैसा कमा लेतीं हैं।

जांजगीर-चांपा. गोबर बीनकर कंडे बेचकर जीवन यापन करने वाली महिलाएं हमसे अधिक पैसा कमा लेतीं हैं। प्रदेश की भाजपा सरकार ने हमारी जिंदगी को बदतर बनाकर रख दिया है।

सरकार हमसे सुबह से लेकर शाम तक छह घंटे काम ले रही है। इसके बाद बमुश्किल चार हजार रुपए दे रही है। यह बातें आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका कल्याण संघ की जिला अध्यक्ष ताज बेगम खान ने जांजगीर में पत्रकारों से बोल रहीं थीं।

उन्होंने कहा कि हम 5 मार्च से पांच सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चित कालीन हड़ताल पर जाएंगे और सरकार जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं करेगी तब तक हड़ताल पर डटे रहेंगे। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि सरकार एक ओर महिला सशक्तिकरण की बातें करते हुए अपनी पीठ थपथपा रही है।

वहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं का परिवार भूखे मरने की स्थिति में है। इधर सरकार की आंख नहीं दिख रही है। ताज बेगम ने कहा कि इधर कार्यकर्ताओं का पेट खाली है और सरकार 14 योजनाओं की मॉनिटरिंग हमसे करा रही है।

गर्भवती का इतिहास बताने से लेकर गांव के प्रत्येक बच्चों का रिकार्ड अपडेट करने की जिम्मेदारी हमारे हाथों सौंप देती है। इधर काम नहीं करने पर हमारा पेमेंट रोक दिया जाता है।

इतना ही नहीं हमें तीन माह बाद वेतन दिया जाता है। खर्च के लिए साल में मात्र तीन सौ रुपए प्रदान किया जाता है। इस सभी मांगों को लेकर वे पांच मार्च से पांच सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चित कालीन हड़ताल में जाएंगे।

प्रमुख मांगों में हमारा वेतन कम से कम कलेक्टोरेट दर पर किया जाए। रिटायर होने के बाद कार्यकर्ताओं को पांच लाख तथा सहायिकाओं को तीन लाख रुपए दिय जाए। इसके अलावा तीन अन्य मांग है। जिसे सरकार माने नहीं तो वे पांच मार्च के बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल करने बाध्य होंगे।


रमन सरकार को नहीं देंगे वोट
संघ की जिला अध्यक्ष ताज बेगम ने बताया कि उनके हड़ताल में जाने की सूचना पाकर सरकार के बड़े कुर्सी में बैठे कर्मचारियों द्वारा उन पर लगातार दबाव बनाने की तैयारी की जा रही है ताकि वे हड़ताल वापस ले लें।

उन्होंने साफ कहा कि सरकार यदि हमारी मांगें नहीं मानतीं हैं तब वे आने वाले चुनाव में रमन सरकार को वोट नहीं देंगे। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने पत्रकारों से यहां तक कह डाला कि यदि सरकार हमारी मांगे नहीं मानती है तो वे नक्सली बनने मजबूर होंगे।

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