
CG Winter: छत्तीसगढ़ के जशपुरनगर प्रदेश का शिमला वैसे तो अंबिकापुर के मैनपाट को कहा जाता है, लेकिन उसके बाद प्रदेश का सबसे अधिक ठंडा क्षेत्र जशपुर जिले के मनोरा, सन्ना और पंडरापाठ क्षेत्र के पठारी इलाके को माना जाता है। अपनी ख्याति के अनुरूप प्रकृति ने अपना तेवर दिखाना शुरू कर दिया है।
मौसम खुलने के बाद बुधवार को जिले का मौसम पानी की तरह साफ हो गया और आसमान से बादल छंटते ही नीला आसमान नजर आने लगा, जिसके बाद हाड़ कंपानी वाली ठंड का प्रकोप जशपुर के पाठ इलाकों के साथ ही जशपुर जिला मुख्यालय में शुरू हो गया।
बुधवार को दिन भर ठंडी हवाएं चलती रही, जिससे तापमान इस वर्ष के सर्वाधिक न्यूनतम स्तर 4 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। शाम के वक्त की ठंड से रात की स्थिति का अहसास लोगों के द्वारा आसानी से किया जा रहा था। और हुआ भी कुछ ऐसा ही। बुधवार-गुरूवार की दरम्यानी रात इस वर्ष की सबसे न्यूनतम तापमान वाली और कड़ाके की ठंड वाली रात थी। रात में इस सर्वाधिक ठंड का लोगों ने अहसास तो किया ही, साथ ही सुबह होते-होते इस अहसास का सत्य प्रमाण भी खेत खलिहान और घांस-फूस तथा घरों के सामने खडे़ वाहनों की छत में बिछे बर्फ की सफेद चादर को देखकर मिल गया।
जिला मुख्यालय में घरों के बाहर खड़ी गाड़ियों की छतों में सुबह सवेरे बर्फ जमी हुई थी। बर्फबारी को देख रोमांच से भरे जशपुरवासियों ने इसे सुनहरे पल को अपने-अपने कैमरे में कैद कर इसकी तस्वीर सोशल मीडिया में जारी किया। खासतौर पर फेसबुक में और व्हाट्सएप में अधिकांश लोगों ने बर्फ की सफेद चादर की तस्वीर सोशल मीडिया में शेयर की।
अचानक पारा 15 से 6 और फिर 3-4 डिग्री सेल्सियस पर आ जाने से जनजीवन प्रभावित हो गया है। ठंड से बचने के लिए लोग अब घरों में दुबकने लगे हैं। चौक चौराहों में अलाव जलाकर राहत लेने की कोशिश की जा रही है। घरों के भीतर भी लोग हीटर और अलाव जलाकर ठंड से बचने का प्रयास कर रहे हैं।
Updated on:
10 Jan 2025 05:41 pm
Published on:
10 Jan 2025 05:40 pm
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