
कलेक्टर का देखा काम तो आईएएस बनने जागी तमन्ना
जशपुरनगर. मेरा नाम श्वेता बरवला है, मैंने पिछले साल दसवीं की परीक्षा 95.16 प्रतिशत अंको के साथ उत्तीर्ण की है। अभी मैं एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय सन्ना, विकासखंड बगीचा में कक्षा ग्यारहवीं (गणित) में अध्ययनरत हूं। कलक्टर डॉ. प्रियंका शुक्ला से मिलने और बातें करने की इच्छा दिल में थी। सच होंगे सपने कार्यक्रम में चयनित होकर आज मुझे अपनी यह इच्छा पूरी करने का मौका मिला। श्वेता बरवला ने बताया कि कलक्ट्रेट आने के बाद मुझे पता चला कि कलक्टर को बहुत सारा काम करने पड़ते हैं। इसके लिए उन्हें खूब पढ़ाई करनी पड़ती है। और जानकारियों से अपडेट रहना पड़ता है। इस कार्यक्रम में सम्मिलित होने के कारण मुझे मैम के साथ कई विभागों की बैठक में शामिल होने का मौका मिला। बैठक में मैंने देखा की कलक्टर मैम शासन की योजनाओं के बारे में अधिकारियों से चर्चा कर रही थी। उन्हें इन योजनाओं की जानकारी बहुत अच्छे से थी। और तभी वह अधिकारियों को यह समझा पा रही थी कि अधिक से अधिक किसानों तक योजनाओं का लाभ कैसे पहुंचाया जा सकता हैै। श्वेता ने बताया कि वह कलेक्टर मैम के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में भी शामिल थी। उसने बताया कि उसने कलक्टर को कई विभागों की समीक्षा बैठक लेते देखा।इसमें रेशम, उद्योग, कृषि, कौशल विकास इत्यादि विभागों की बैठक हुई। बैठक में फसलों की बुआई का प्रतिशत, सिंचाई की स्थिति, फसलों की स्थिति, आदि पर मैम ने जानकारी लेते हुए संबंधित विभागों को निर्देश दिए। श्वेता ने बताया कि कौशल विकास की बैठक में उसे पहली बार पता चला कि 5 वीं पास या पढ़ाई छोड़ चुके 18 साल से अधिक के आयु के युवाओं के लिए कई तरह के कौशल में प्रशिक्षित होने का अवसर नि:शुल्क मिलता है।
पूरी तरह चैलेंजिंग है कलेक्टर का कामकाज : श्वेता ने कहा कि छात्रावास में रहने के कारण मुझे इस योजना की पूरी जानकारी नहीं थी। मैंने पहली बार जशपुर कलक्टोरेट पूरा घूमा और तब मुझे पता चला कि कई विभागों के असंख्य काम की निगरानी और क्रियान्वयन कलक्टर को करनी पड़ती है। यह वातस्व में चैलेजिंग काम है। इस दौरान कलेक्टर के पास बहुत से नागरिक भी अपनी समस्याएं लेकर आते हैं। जिन्हें मैम ध्यान से सुनती है। और निराकरण के लिए कार्यवाही करती है। श्वेता ने कहा कि कलक्टर मैम ने मुझे समझाया कि हर किसी के साथ अच्छा व्यवहार रखना चाहिए और सभी से सम्मान से बात करनी चाहिए। मैं बारहवीं अच्छे अंको से उत्तीर्ण कर किसी प्रतिष्ठित कॉलेज से इंजीनियरिंग करने के बाद आईएएस बनना चाहती हूं। इसके लिए मैंने आज से ही पूरी मेहनत करने का प्रण कर लिया है। मैम ने मुझे समझाया है कि जीवन में सफल होने का एक ही मंत्र है- मेहनत, मेहनत और सिर्फ मेहनत और वो भी पूरी ईमानदारी के साथ।
Published on:
18 Jul 2018 08:08 am
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