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प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों का चिन्हांकित नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण : यूडी मिंज

विधायक कुनकुरी ने पर्यटन एवं पुरातात्विक स्थलों के बारे में विधानसभा में पूछा प्रश्न तो मिली जानकारी

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Unfortunately not to mention famous tourist destinations: UD Minj

प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों का चिन्हांकित नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण : यूडी मिंज

जशपुरनगर. विधायक यूड़ी मिंज ने गुरूवार को विधानसभा में पर्यटन मंत्री ताम्रध्वज साहू से अतारांकित प्रश्न किया कि जशपुर जिले में पर्यटन एवं पुरातात्विक स्थल के रूप में कौन कौन स्थल चिन्हांकित हैं, चिन्हांकित पर्यटन स्थलों में 2015-16 से 2018 तक कितनी कितनी राशि स्वीकृत की गई है, स्थलवार जानकारी दें।
प्रश्न के जवाब में पर्यटन मंत्री ने बताया कि जशपुर जिले में कोई भी पुरातात्विक स्थल चिन्हांकित नहीं है। पर्यटन स्थल के लिए 2015-16 से 2017-18 तक स्वीकृत राशि निरंक है 2017-18 में पर्यटन स्थल कुनकुरी हेतु 84.08 लाख स्वीकृत की गई है। जिससे भारत सरकार पर्यटन मंत्रालय द्वारा स्वीकृत ट्राइबल टूरिज़म सर्किट योजना के अंतर्गत कुनकुरी के निकट मार्ग सुविधा निर्माण के लिए 84.08 लाख रुपए स्वीकृत की गई है। अन्य किसी भी विकासखंड के लिए कोई राशि स्वीकृत नहीं की गई है।

पर्यटन मंत्री ने बताया कि जशपुर जिले में पर्यटन स्थलों के रूप में चिन्हांकित जशपुर विकासखंड में लोरोघाट, रानीदाह जलप्रपात, दमेरा जलप्रपात, इंदा घाट, पत्थलगांव विकासखंड में किलकिला, घाटियां, नंदनझरिया, कुनकुरी विकासखंड में महागिरिजाघर, बेने जलप्रपात, बगीचा विकासखंड में नाशपाती, लीची, आम के बगीचों की घाटियां, खुडिय़ा रानी की गुफा एवं प्रपात, सन्ना को प्राकृतिक अभ्यारण बताया है वहीं बादलखोल को वन्यप्राणी के अभ्यारण्य के रूप पर्यटन मंत्री ने जानकारी दी है। पर्यटन मंत्री ताम्रध्वज साहू ने सदन को बताया कि सभी विधानसभा सदस्यों के मंशानुरूप उनके क्षेत्र के जो भी मुख्य पर्यटन एवं पुरातात्विक स्थल हैं उन्हें पर्यटन केंद्र के रूप में जोडक़र उनका विकास किया जाएगा। विधायक कुनकुरी यूड़ी मिंज ने कहा कि नए सिरे से जशपुर जिले के पुरातात्विक एवं पर्यटन स्थलों को जनमानस के अनुरूप शासन के लिस्ट में जोडऩे हेतु प्रयास किया जाएगा।
पूर्ववर्ती सरकार ने पीटा झूठा ढिंढोरा : विधायक यूड़ी मिंज ने कहा कि पर्यटन विभाग जानकारी कितनी वास्तविक है जशपुर जिले के लिए यह जनता के सामने हैं प्रकृति प्रेमियों के लिये यह दुख का विषय है। हम जशपुर की तुलना शिमला से करते हैं प्रकृति प्रेमी अपने इस जशपुर को पर्यटन क्षेत्र को अपने अपने माध्यम से प्रोत्साहित करते रहे हैं जिससे यहां पर्यटन का विकास हो पर कुछ प्रसिद्ध पर्यटन स्थल का नाम ही नहीं है यह जशपुरिया लोगों के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है की पूर्ववर्ती सरकार ने पर्यटन के नाम पर ढिंढोरा पीटा तमाम तरह के काम का प्रचार किया पर आज भी महत्वपूर्ण स्थल इससे छूटे हुए हैं। कैलाश गुफा, राजपुरी जलप्रपात, गुल्लू प्रपात, किनकेल, देशदेखा, नीमगांव डैम, बेलसूंगा डैम, मधेश्वर पहाड़, सोगड़ा आश्रम, कोतेबिरा धाम जैसे मुख्य पर्यटन स्थल सूची में ही नहीं है।