
4 महीने बाद भी डबल मर्डर मिस्ट्री अनसुलझी (फोटो सोर्स- पत्रिका)
CG News: पुलिस की नाकामियों का दायरा बढ़ता जा रहा है। शहर के लोगों का कहना है कि, अपराधी यहां के थाना को अपना सुरक्षित स्थान समझने लगे हैं। चोरी की बढ़ती घटनाओं के बीच हत्या जैसे संगीन अपराध का ना सुलझ पाना, पुलिस की कार्यशैली को मुंह चिढ़ा रहा है। पत्थलगांव थाना में हुए विभिन्न अनसुलझे संगीन मामले पुलिस के बड़े अधिकारियों के लिए भी चुनौती साबित हो रहे हैं। चार माह पहले दो समुदाय के बीच हुयी हिंसक झड़प के बाद दोनो ही समुदाय के दो लोगों की हत्या होना और उसका खुलासा ना होना अनेक संदेह को जन्म दे रहा है।
पाकरगांव जहां घटना हुई वहां के लोग, घटना वाले दिन और हिंसक झड़प को यादकर सिहर जा रहे हैं। आज भी वे घटना को लेकर सहमे दिखाई देेते हैं। उनका आरोप है कि घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी आज भी खुलेआम घूम रहे हैं, जिससे वहां के वातावरण में अशांति का माहौल है।
नागवंशी समाज के अध्यक्ष आनंद नाग ने पुलिस कार्यशैली की निंदा की है। उनका कहना था कि समाज के लोगों द्वारा पुलिस के अधिकारियों को मौखिक के अलावा लिखित रूप से भी आवेदन दिए गए हैं, लेकिन उन्हें भरोसे के अलावा कार्यवाही नहीं मिली। उनका आरोप है कि पुलिस की सुस्त कार्यशैली के कारण समाज के लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है। जल्द ही पुलिस अपराधियों पर कार्यवाही नहीं करती है तो नागवंशी समाज आंदोलन की राह पकड़ सकता है।
पाकरगांव मे डबल मर्डर की मिस्ट्री सुलझाने मे पुलिस जहां नाकाम साबित हुई, वहीं पत्थलगांव थाना क्षेत्र के अंतर्गत 9 मार्च 2026 को केराकछार में रहने वाली 70 साल की वृद्ध शांति यादव की अज्ञात हमलावारों ने हत्या कर दी। घटना को बीते दस दिन से अधिक का समय निकल चुका है, पर पुलिस इस घटना के आरोपियों तक भी अब तक नही पहुंच पाई है। वरिष्ठ जिला पुलिस अधीक्षक लाल उमेद सिंह ने सभी अपराधों की गहन जांच कर आरोपियों को जल्द ही सलाखों के पीछे पहुंचाकर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है।
ग्रामवासियों ने इस प्रकरण में पुलिस की भूमिका पर संदेह जाहिर किया है। दरअसल 30 अक्टूबर 2025 की रात पत्थलगांव थाना क्षेत्र के ग्राम पाकरगांव मे जमीन विवाद को लेकर दो परिवार के लोगों के बीच हिंसक झड़प हो गई थी, जिसमें दोनों ही परिवार के चकरो यादव एवं नान्हू नागवंशी की टांगी से वारकर निमर्म हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में सनसनी का माहौल था।
इस घटना के बाद यादव समाज के लोगों ने करीब दो घंटे तक सड़क पर शव रखकर चक्का जाम कर विरोध जताया था। उस समय पुलिस एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी को लेकर आश्वासन दिया था, लेकिन, चार माह बीतने के बाद भी पुलिस दोनो ही हत्याओं के अपराधियों की हद से काफी दूर खड़ी दिखाई दे रही है। पुलिस की इस नाकामी को लेकर समाज के लोगों में काफी निराशा उत्पन्न हुई है।
Published on:
22 Mar 2026 01:36 pm
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