
शिक्षकों का 4 अप्रैल को होगा आंदोलन (फोटो सोर्स- पत्रिका)
CG News: टीईटी, शिक्षक पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता के विरोध में देशभर के शिक्षक संगठन अब आंदोलन के मूड में हैं। इसी क्रम में 4 अप्रैल को दिल्ली के रामलीला मैदान में एक दिवसीय राष्ट्रीय स्तर का विशाल आंदोलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें जशपुर जिले से भी हजारों शिक्षक शामिल होंगे।
मंगलवार को छत्तीसगढ़ के समस्त शिक्षक संगठनों की बैठक में यह निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया। बैठक में बताया गया कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद टीईटी अनिवार्यता लागू होने से उन शिक्षकों के सामने संकट खड़ा हो गया है, जो इस नियम के लागू होने से पहले निर्धारित पात्रता के आधार पर नियुक्त हुए थे। शिक्षक संगठनों ने कहा कि पूर्व में नियुक्त शिक्षकों को पुन: टीईटी परीक्षा देना अनिवार्य करना अन्यायपूर्ण है। इस निर्णय से शिक्षकों में भारी आक्रोश है।
संगठनों ने सरकार से इस मामले में व्यावहारिक एवं न्यायोचित निर्णय लेते हुए पुराने शिक्षकों को राहत देने की मांग की है। बैठक में निर्णय लिया गया कि आंदोलन की तैयारियों को राज्य स्तर पर तेज किया जाएगा। 4 अप्रैल को आयोजित राष्ट्रीय आंदोलन में छत्तीसगढ़ से लगभग 5000 शिक्षकों की सहभागिता सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।
राष्ट्रीय आंदोलन के बाद राज्य स्तर पर भी चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। इसके लिए 22 मार्च को सभी जिलों में समन्वय बैठक और 25 मार्च को प्रमुख पदाधिकारियों की बैठक आयोजित कर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा। जशपुर जिले के शिक्षक संगठनों ने सभी शिक्षकों से आह्वान किया है कि वे अपने अधिकारों की रक्षा के लिए अधिक से अधिक संख्या में आंदोलन में भाग लें और इसे सफल बनाएं। पदाधिकारियों ने कहा कि यह मुद्दा हजारों शिक्षकों के भविष्य और नौकरी से जुड़ा है, इसलिए सरकार को संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेना चाहिए।
बैठक में सभी संगठनों ने एकजुट होकर संकल्प लिया कि जब तक समस्या का समाधान नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रखा जाएगा। शिक्षक फेडरेशन के जिला पदाधिकारियों में जिला अध्यक्ष अजय कुमार गुप्ता, जिला संरक्षक मो. काय्यम अली, सम्पत्ति साय पैंकरा एवं भूपेन्द्र खंडिया शामिल रहे।
Updated on:
19 Mar 2026, 2:47 PM IST
Published on:
19 Mar 2026, 2:47 PM IST
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