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जशपुर में सौंदर्यीकरण पर बवाल, निजी जमीन पर बुलडोजर कार्रवाई की चेतावनी का आरोप, CM से हस्तक्षेप की मांग

Kunkuri Bulldozer Action: जशपुर जिले के कुनकुरी नगर में सौंदर्यीकरण और सड़क चौड़ीकरण अभियान को लेकर विवाद गहरा गया है। प्रभावित परिवारों ने निजी जमीन पर बुलडोजर कार्रवाई की चेतावनी दिए जाने का आरोप लगाते हुए प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं।
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CM Intervention Demand

बुलडोजर कार्रवाई से कुनकुरी में बढ़ा जनाक्रोश (फोटो सोर्स- पत्रिका)

Bulldozer Action: जशपुर जिले के नगर पंचायत कुनकुरी में सौंदर्यीकरण और सड़क चौड़ीकरण अभियान को लेकर शुरू हुई प्रशासनिक कार्रवाई अब विवाद का रूप लेती जा रही है। नगरवासियों ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी, बसंत बुनकर की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि विकास कार्यों के नाम पर लोगों में भय का माहौल बनाया जा रहा है। प्रभावित नागरिकों का कहना है कि जेसीबी से मकान और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को हटाने की चेतावनी दी जा रही है, जबकि कई मामलों में संबंधित भूमि निजी और संस्थागत बताई जा रही है।

कार्रवाई से लोगों के सामने आवास और आजीविका का संकट

स्थानीय लोगों का कहना है कि वे नगर के विकास और सौंदर्यीकरण के विरोधी नहीं हैं, लेकिन कार्रवाई से पहले प्रभावित परिवारों से संवाद, पर्याप्त समय और वैकल्पिक व्यवस्था जैसी आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया जा रहा है। उनका आरोप है कि बरसात के मौसम में इस तरह की कार्रवाई से लोगों के सामने आवास और आजीविका का संकट खड़ा हो सकता है।

इस बीच मामला तब और चर्चा में आ गया, जब नगर के पंडित तिवारी और बहादुर होटल के आदिवासी संचालक प्रशासनिक कार्रवाई से राहत की मांग करते हुए अधिकारियों के समक्ष गुहार लगाते दिखाई दिए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों ने अपने वर्षों पुराने मकान और व्यवसाय को बचाने की अपील की। इस घटना के बाद बड़ी संख्या में नागरिकों ने प्रशासन के रवैये पर सवाल उठाए।

बुलडोजर कार्रवाई से बढ़ा जनाक्रोश

घटनाक्रम को लेकर ब्राह्मण समाज सहित कई सामाजिक संगठनों ने भी नाराजगी जताई है। समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि यदि किसी नागरिक के साथ अन्याय होता है तो समाज उसके साथ खड़ा रहेगा। वहीं सामाजिक संगठनों ने कहा कि विकास कार्य जनता के विश्वास और सहभागिता के साथ होने चाहिए, न कि भय और दबाव के माहौल में।

आक्रोशित नागरिकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री से मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए और विकास कार्यों के दौरान प्रभावित लोगों के अधिकारों एवं संवेदनाओं का पूरा ध्यान रखा जाए। लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि जिला प्रशासन के दबाव में कार्रवाई की जा रही है, जिससे नगर में असंतोष का वातावरण बन गया है।

नगर पंचायत की कार्यशैली पर सवाल

नगर पंचायत की कार्यशैली को लेकर चौक चौराहों से लेकर सामाजिक मंचों तक चर्चा बनी हुई है। लोगों का कहना है कि प्रशासन का उद्देश्य नागरिकों की सुविधा और विकास होना चाहिए, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में आमजन स्वयं को असहज और असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

कार्रवाई पर उठ रहे सवाल

कुनकुरी में उठे इस विवाद ने एक बार फिर विकास और प्रशासनिक संवेदनशीलता के बीच संतुलन का सवाल खड़ा कर दिया है। नगरवासियों का कहना है कि विकास तभी सार्थक माना जाएगा, जब उसमें आम नागरिकों की भावनाओं, अधिकारों और जीवनभर की मेहनत का भी सम्मान सुनिश्चित किया जाए।

नगर में सौंदर्याीकरण को लेकर की जा रही सभी कार्रवाई (Bulldozer Action) राज्य शासन के निर्देश पर की जा रही है, इसे ही लेकर संबंधित लोगों को अतिक्रमण को लेकर नोटिस जारी की गई है। - बसंत बुनकर, सीएमओ नगर पंचायत कुनकुरी।