शिक्षकों का कहना है कि सिर्फ कक्षा सात के बच्चों को पुस्तकें उपलब्ध कराई गई हैं। कक्षा एक, दो, तीन, चार, पांच, छह, आठ के कक्षाओं की पुस्तकें न आने से किसी तरह बच्चों को पुरानी किताबों से ही पढ़ाया जा रहा है। गांव में जो बच्चे अगली कक्षा में चले गए हैं उनकी किताबों को उधार लेकर भी कुछ बच्चे स्कूल आते हैं। फिर उ के इर्द गिर्द कई बच्चों को बैठा कर एक ही किताब से पढ़ाई कराई जाती है।
By Javed ahmad