नगर में अतिक्रमण हटाओ अभियान चला तो जिला प्रशासन को अपनी कई बेशकीमती जमीनें वापस मिल गईं। जिन जमीनों पर भूमाफियाओं ने अपने पैर जमा रखे थे उनको भी खदेड़ दिया गया। लेकिन प्रशासन के पास भी विकल्प नहीं बचा कि इस जमीन का किया जाए। खाली छोड़ा गया तो फिर कब्जा हो जाएगा। डीएम भानुचंद्र गोस्वामी ने याूेजना बनाई कि इन जमीनों पर पार्क की व्यवस्था कर दी जाए। जमीन भी बच जाएगी और जनता इसका इस्तेमाल भी कर लेगी। आनन फानन मंे बजट पर ध्यान दिया गया तो निराशा हाथ लगी। प्रस्ताव शासन को भेजा गया तो वहां से बजट के लिए हरी झंडी मिल गई। डूडा को जिम्मेदारी दी गई कि रोडवेज से कचहरी मार्ग पर खाली हुई जमीन पर एक पार्क बनाया जाए। जेसीज पर खाली कराई गई जमीन को भी खूबसूरत पार्क की सूरत दे दी जाए। सब्जी मंडी स्थित सरदार भगत सिंह पार्क की हालत सूधारी जाए। इन सभी पार्कों में बेहतर लाइटिंग, हरियाली और रास्ते का भी इंतजाम किया जाए। कृषि भवन में बनने वाले लोहिया पार्क की भी अड़चनें खत्म हो गई हैं। यहां भी दो हेक्टेयर में पार्क बनाया जाना है। इसके लिए उद्यान विभाग को जिम्मेदारी भी दे दी गई है। डीएम भानुचंद्र गोस्वमी ने बताया कि नगर के पुरान पार्कों की मरम्मत कराई जा रही है। नए पार्क भी जल्द लोगों के इस्मेमाल के लिए तैयार हो जाएंगे। लोगों को पिकनिक स्पाॅट की कमी नहीं पड़ने वाली।