
काबुल में फंसा जाैनपुर का मयंक
जौनपुर. अफ़ग़ानिस्तान के काबुल में जौनपुर का भी एक युवक फँसा हुआ है। जब से वहां के हालात खराब हुए हैं परिवार वालों की नींद और भूख मर गई है। दिन रात बेटे की सलामती की दुआ की जा रही है। हालांकि मयंक ने परिवार वालों को फोन कर खुद को सुरक्षित बताया है।
लाइन बाजार थाना क्षेत्र से कचगांव रोड स्थित गोधना गांव निवासी सत्य प्रकाश सिंह के बेटे मयंक कुमार सिंह काबुल की खान स्टील लिमिटेड कंपनी में कार्यरत हैं। नवंबर 2018 में मयंक काबुल गए थे। 2021 में उन्हें आना था लेकिन नहीं आ सके। हालांकि परिवार से लगातार हो रही बातचीत के दौरान मयंक ने बताया कि वे वहां पर सुरक्षित हैं। कंपनी का काम भी यथावत चल रहा है। उनके साथ 27 भारतीय और भी हैं। कंपनी प्रबंधक द्वारा ही उन्हें भोजन आदि की व्यवस्था कराई जा रही है। जैसे ही हालात सुधरेंगे वे लौट आएंगे।
वहीं बेटे की तरफ से आश्वासन मिलने के बाद भी परिवार की चिंता कम नहीं हो रही। पत्नी आँचल के चेहरे से फिक्र साफ झलकती दिखाई दी। पूरा परिवार दिन-रात टीवी पर टकटकी लगाए अफगानिस्तान से जुड़ी हर खबर को देखता रहता है। अफगानिस्तान में तालिबानी आतंक से वहां के बिगड़े सूरते हाल से उनके अंदर सिहरन पैदा हो जाती है। साथ ही पूरा परिवार मयंक के सलामती की दुआ कर रहा है। सरकार से उनकी मांग है कि उनके बेटे सहित सभी भारतीयों को जल्द से जल्द वतन लाया जाए।
काबुल से लौटा आईटीबीपी के जवान, परिवार खुश
सिकरार क्षेत्र के विसावा गांव निवासी आईटीबीपी में एसआई आशीष कुमार सिंह अफगानिस्तान स्थित भारतीय दूतावास में तैनात थे। वहां तालिबानियों के सत्ता परिवर्तन की बात आई तो आशीष का परिवार चिंतित हो उठा। परिवार से फोन पर बात हुई तो उन्होंने बताया कि दूतावास बन्द कर दिया गया है। वे लोग अमेरिकी सैनिकों की मदद से काबुल एयरपोर्ट पहुँचरहे हैं। मंगलवार को अशीष ने गुजरात पहुंच कर फोन किया तो लोगों की खुशी का ठिकाना न रहा।
By Javed Ahmad
Published on:
19 Aug 2021 10:30 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
