
झाबुआ. मध्यप्रदेश के झाबुआ में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे जानकर आप भी यही कहेंगे कि ये तो हद हो गई। मामला एक स्कूल टीचर के ट्रांसफर का है लेकिन हैरानी की बात ये है कि जिस टीचर का ट्रांसफर हुआ है वो कुछ महीनों पहले रिटायर हो चुका है और अब स्कूल शिक्षा विभाग ने उसका ट्रांसफर कर दिया है। इससे भी बड़ी बात ये है कि खुद स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार की अनुशंसा पर रिटायर हो चुके टीचर का ट्रांसफर हुआ है और वो भी उनके ही प्रभार वाले जिले में ही।
रिटायरमेंट के बाद ट्रांसफर
आदिवासी बाहुल्य झाबुआ जिले में शिक्षकों के ट्रांसफर को लेकर एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार की अनुशंसा पर कुछ महीने पहले रिटायरमेंट हुए एक शिक्षक का ट्रांसफर कर दिया गया, जिसके बाद से विभाग की जमकर किरकिरी हो रही है। जिन शिक्षक का ट्रांसफर रिटायरमेंट के किया गया है उनका नाम सज्जन सिंह डामोर है। सज्जन सिंह बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बामनिया पेटलावद में पदस्थ थे और अप्रैल के महीने में वहीं से रिटायर हुए।
स्कूल शिक्षा मंत्री के पास है झाबुआ का प्रभार
रिटायरमेंट के बाद ट्रांसफर सूची में नाम आने से सज्जन सिंह भी हैरान हैं। क्योंकि कुछ महीने पहले ही रिटायरमेंट पर उनका शानदार विदाई समारोह भी हुआ था फिर भी इस तरह की गलती की गई। आपको ये जानकर भी हैरानी होगी कि झाबुआ जिले के प्रभारी मंत्री खुद स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार हैं और उन्हीं की अनुशंसा पर ये ट्रांसफर किया गया है। इस ट्रांसफर के मामले से ये बात एक बार फिर सही साबित हो रही है कि एमपी अजब है सबसे गजब है।
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Published on:
09 Jul 2023 08:58 pm
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