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भाजपा के चार नेता पार्टी से बर्खास्त, कांग्रेस में होंगे शामिल

भाजपा ने पार्टी से दगा करने वालों पर कार्रवाई की, 4 बागियों को 6 साल के लिए निष्कासित किया

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झाबुआ

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Manish Geete

Oct 18, 2022

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झाबुआ। चुनाव में पार्टी के खिलाफ बगावत करने वाले और उनके समर्थक चार नेताओं को पार्टी ने बाहर का रास्ता दिखा दिया। इन चार नेताओं को 6 साल के लिए पार्टी से निकाला गया है। सोशल मीडिया पर इन नेताओं के त्याग पत्र वायरल हो रहे हैं। इनके बारे में कहा जा रहा है कि यह नेता अब कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं। इधर, कांग्रेस में भी कुछ इसी प्रकार की बगावत सामने आई है।


नगर पालिका चुनाव में भाजपा समर्थित पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष धन सिंह बारिया की पत्नी बसंती बारिया ने अध्यक्ष की दावेदारी से नाम कटने के बाद बगावत कर दी, बसंती बारिया निर्दलीय मैदान में उतरी, उनके समर्थन वार्ड क्रमांक 4 की पार्षद कविता राठौर उनकी प्रस्तावक बन गई। निर्दलीय रहते भी बसंती बारिया को 5 वोट मिले, हालांकि चुनाव में भाजपा प्रत्याशी कविता सिंगार की जीत हुई, लेकिन पार्टी से दगा करना इन दोनों भाजपा समर्थित पार्षदों को भारी पड़ गया।

भाजपा जिला अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह नायक ने रविवार रात को बसंती बारिया एवं उनके पति धनसिंह बारिया के साथ , कविता राठौर और उनके पति हेमेंद्र नाना राठौर को पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया। इधर, बसंती बारिया ने बीजेपी जिला उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है, उन्होंने पार्टी के अध्यक्ष को लिखे पत्र में बताया कि पार्टी में उत्पन्न वर्तमान स्थिति से उनका मन खिन्न है और वे अपने पद से इस्तीफा दे रही हैं।उनके द्वारा दिया इस्तीफा सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

कांग्रेस में विचार विमर्श जारी

इधर , कांग्रेस में 7 पार्षदों के रहते भी अध्यक्ष को 4 वोट मिले , वहीं उपाध्यक्ष पद पर वार्ड 12 के पार्षद विनय भाबोर ने अपने ही पार्षदों के दबाव के कारण नाम वापस ले लिया। पूरे नगर में कांग्रेस की फजीहत हो गई। पूरे घटनाक्रम का लाभ भाजपा के लाखन सिंह सोलंकी को मिला और वे निर्विरोध नगरपालिका उपाध्यक्ष बन गए। जिसके बाद कांग्रेस में भी बगावत करने वाले पार्षदों की पड़ताल की जा रही है।

हालांकि अभी तक कांग्रेस की तरफ से किसी भी पार्षद को निष्कासित करने की खबर सामने नहीं आई है, ना ही किसी ने स्वैच्छिक इस्तीफा दिया है। वहीं यूथ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष विक्रांत भूरिया का कहना है कि पार्टी से गद्दारी करने वाले पार्षदों का पता लगते ही उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा। वहीं सोशल मीडिया पर लोग कांग्रेस के इस लचर प्रदर्शन पर कांग्रेस जिला अध्यक्ष निर्मल मेहता द्वारा कमजोर रणनीति बनाने को भी जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।