
झाबुआ। वन विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों ने मिलकर कम हो रहे जंगल को लेकर अभियान चलाया और उसे अंजाम तक भी पहुंचा दिया। दस सालों की मेहन का ही प्रयास है कि सबने मिलकर एक बंजर इलाके को जंगल में बदल दिया।
जिले में लगातार जंगल में बढ़ रहे अवैध कब्जों के बीच एक राहत भरी खबर है। दरअसल वन विभाग ने पिछले दस सालों में अथक प्रयास के बाद लैंड बैंक में रिक्त जमीन पर 360 हेक्टेयर का नया जंगल तैयार किया है। इस जंगल से जहां वनोपज मिलेगी, वहीं पर्यावरण की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इस नए जंगल के बाद अब जिले में जंगल का क्षेत्र 74672.48 पहुंच गया है जो कि एक बड़ी सफलता के रुप में देखी जा रही है।
बताया जा रहा है कि जिले में इसके पहले कुल 74474.48 हेक्टेयर में जंगल था। इसमें वन विभाग की सीमा से लगी पेटलावद की राजस्व मंडल की 200 हेक्टेयर जमीन लैंड बैंक के लिए रिजर्व जमीन राजस्व विभाग ने वन मंडल को सौंपी थी। इस लैंड बैक की 200 हेक्टेयर जमीन सहित आसपास की 160 हेक्टेयर की जमीन में वन विभाग ने 10 वर्ष की कार्ययोजना तैयार कर जंगल को वृहद बनाने की दिशा में सघन पौधरोपण किया गया है। वन विभाग ने लैंड बैंक से मिली जमीन में जंगल तैयार करने, आम, जामुन, सागौन, नीम आंवला सहित पौधे लगाकर इन्हें संरक्षित कर यह नया जंगल तैयार किया है। वर्तमान में पेटलावद से लगी इस वन सीमा में 360 हेक्टेयर का नया जंगल बना है।
जमीन में कब्जा देने से इनकार
लगातार वन सीमा में बढ़ते अतिक्रमण को देखते हुए अब वन विभाग ने वन सीमा के अंदर किसी भी प्रकार के पट्टे देने से इंकार कर रहा है। यही कारण है कि वन विभाग ने वन अधिकार अधिनियम के तहत 28 सौ लोगों के आवेदन निरस्त कर कर चुका है। इसके बाद अब इन आवेदन के पुन: परीक्षण का इंतजार कर रहा है। इसके बाद वन भूमि से अतिक्रमण पूरी तरह से हटाया जाएगा।
राजस्व विभाग से लैंड बैंक से मिली जमीन में 360 हेक्टेयर का नया जंगल तैयार किया है। इसी क्रम में जंगल को विकसित करने लगातार पौधे रोपित कर रहे हैं।
-हरेसिंह ठाकुर, वन मंडलाधिकारी
Updated on:
25 Aug 2022 04:28 pm
Published on:
25 Aug 2022 04:27 pm
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