
MP News: अक्षय तृतीया से भगवान की आहारचर्या के साथ मंदिर में सेवा में भी बदलाव किया गया है। भगवान को ऐसे वस्त्र पहनाए जा रहे हैं जिनसे उन्हें गर्मी न लगे। मंदिरों में एसी और कूलर भी चलाए जा रहे हैं। प्राचीन श्री गोवर्धननाथ की हवेली में भगवान के लिए मोगरा, गुलाब व चंदन के इत्र का प्रयोग किया जा रहा है। वहीं, खस के इत्र, मोगरे और गुलाब के फूलों से भगवान का दिव्य शृंगार हो रहा है। भगवान को छाछ, लस्सी, आम का पना, श्रीखंड सहित ठंडी तासीर के पकवानों का भोग लगाया जा रहा है।
भगवान के लिए शीतल राग में भजन गाए जा रहे हैं। मंदिर में दर्शन के समय में भी बदलाव किया गया है। इसी तरह राधाकृष्ण सरकार मंदिर में भी भगवान की सेवा पूजा में बदलाव किया गया है।
महंत मनीष बैरागी व अजय बैरागी ने बताया कि गर्मी के मौसम में भगवान(Summer diet of God) के लिए विशेष उपाय किए जाते हैं। इन्हें ठंडी चीजों का भोग लगाया जाता है। हल्के वस्त्र पहनाए जाते हैं और पंखे आदि का उपयोग किया जाता है। दही, छाछ, ठंडे फलों और अन्य ठंडी चीजों का भोग लगाया जाता है।
शहर के राधा कृष्ण मार्ग स्थित श्री राधा कृष्ण सरकार मंदिर में भगवान को ठंडक प्रदान करने के लिए कूलर लगाया गया है। साथ ही उनको ऐसे वस्त्र पहनाए जा रहे हैं जिनसे गर्मी न लगे।
Published on:
04 May 2025 10:18 am
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