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कोटा वाले नाराज, फिर भी हवाई अड्डा यहीं बनेगा

कोटा के लोग भले ही इस विषय में नाराज हैं, लेकिन हवाई अड्डा झालावाड़ में ही बनाया जाएगा।

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कोटा वाले नाराज, फिर भी हवाई अड्डा यहीं बनेगा

Angry with quota, the airport will still be

झालारापाटन पत्रिका. मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने संवाद के दौरान प्रबुद्ध लोगों को बताया कि हवाई अड्डा झालावाड़ में ही बनेगा। कोटा के लोग भले ही इस विषय में नाराज हैं, लेकिन हवाई अड्डा झालावाड़ में ही बनाया जाएगा। अस्पताल में मरीजों के लिए एयर एम्बुलेंस की सुविधा भी शीघ्र मिलेगी। तो मुंडेरी की पुलिया के पास पार्क बना रहे हैं, इससे नदी किनारे लोगों को घूमने की सुविधा मिलेगी। कार्यक्रम में संसदीय सचिव नरेन्द्र नागर, जनअभाव अभियोग निराकरण समिति अध्यक्ष श्रीकृष्ण पाटीदार, विधायक कंवरलाल मीणा, रामचंंद्र सुनारीवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष संजय जैन, पूर्व विधायक अनिल जैन,भाजपा युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष मनोज गुर्जर, इन्द्रजीतसिंह झाला, गोपाल गुर्जर सहित कई नेता व जिला कलक्टर डॉ.जितेन्द्र कुमार सोनी, पुलिस अधीक्षक आनंद शर्मा, जल संसाधन विभाग के अभियंता अजीत जैन, जलदाय विभाग के जेपी व्यास सहित कई अधिकारी मौजूद थे।

साबरमती की तर्ज पर होगा चंद्रभागा का विकास
झालरापाटन. मुख्यमंत्री वसुधंरा राजे ने मोक्षदायिनी चंद्रभागा नदी का विकास गुजरात की साबरमती नदी की तर्ज पर करने की घोषणा बुधवार को जनसंवाद कार्यक्रम में की। मुख्यमंत्री ने कहा कि में नदी की सफाई, गहरीकरण, घाटों का निर्माण, आसपास पार्क, लाइटिंग सहित अति आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। सीएम ने कहा कि इस कार्य को लेकर कार्य योजना पहले बना ली गई थी लेकिन यह कार्य बेहतरीन तरीके से हो इसे लेकर विलंब हो रहा था। इस कार्य के लिए साबरमती नदी का विकास करने वाली कार्यकारी एंजेसी को बुलवाकर स्थिति से अवगत कराया गया है। शीघ्र ही इसे मूर्त रूप दिया जाएगा।
राजस्थान पत्रिका ने 'मोक्षदायिनी चंद्रभागा नदी को मिले जीवनदानÓ को लेकर अभियान चलाकर प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किए हैं। इस पर प्रभारी मंत्री युनूस खान, जलदाय विभाग मंत्री किरण माहेश्वरी के अलावा राज्य के प्रमुख शासन सचिव जे.सी. मोहंती व अन्य अधिकारियों ने आकर नदी के हालात का जायजा लिया था। इसके बाद जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ नदी के उद्गम स्थल मूडंलियाखेडी तालाब से लेकर मुक्तिधाम तक पैदल चलकर हालात का जायजा लेकर इसकी दुर्दशा पर चिंता जताई थी। जिला प्रशासन, नगरपालिका व जन सहयोग से 5 जून 2016 को नदी की सफाई का कार्य शुरू किया गया था। जिसे समाज सेवी सुरेश गुर्जर के सहयोग से लगातार 23 दिन तक चलाया गया। इसके बावजूद सरकार के इस कार्य योजना को मंजूरी नहीं देने पर पत्रिका ने फिर से कई सामाजिक संगठनों के माध्यम से अलग-अलग तरीके से मांग सरकार के सामने रखी थी। जिस पर मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला प्रशासन ने इसकी कार्य योजना तैयार करवाई थी। इसे भी ठंडे बस्ते में डाल देने पर पत्रिका ने पिछले माह 16 दिन तक लगातार सीरिज के रूप में समाचारों का प्रकाशन कर सरकार को झकझोरा इस पर मुख्यमंत्री ने फिर से जिला कलक्टर को जयपुर बुलाकर इस पर चर्चा की थी। पत्रिका के पाठको के विश्वास व उनके बूते पर अक्टूबर 2015 से चलाई गई इस मुहिम पर मुख्यमंत्री ने इसे अमली जामा पहनाने की घोषणा की।


पर्यटन का विकास
मुख्यमंत्री वसुधंरा राजे ने कहा कि मोक्षदायिनी चंद्रभागा नदी, कालीसिंध नदी व गोमती सागर का पर्यटन की दृष्टि से विकास किया जाएगा। पर्यटन के विकास के बाद यहां की दशा ही बदल जाएगी। मुख्यमंत्री ने बच्चों के दिल में छेद के मामले में अधिक संख्या में आने से चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस मामले में जंाच की जाए। इस पर मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी ने 3 सदस्यीय टीम गठित की है जो शीघ्र ही जांच कर अपनी रिपोर्ट देगी।


8 डायलेसिस मशीनें देने की घोषणा की
मुख्यमंत्री ने जिले के 4 अस्पतालों को 8 डायलेसिस मशीनें देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने प्रबुद्वजनों के साथ जनसुनवाई में बताया कि सुनेल, पिड़ावा, अकलेरा व भवानीमंडी चिकित्सालय में 2-2 डायलेसिस मशीनें उपलब्ध कराई जाएगी जिससे यहां के लोगों को बाहर नही जाना पड़े।